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क्या है

विष्णु पुराण क्या है?(14)

विष्णु पुराण का अर्थविष्णु पुराण क्या है?विष्णु पुराण का महत्व
सरल उत्तर

श्राद्ध काल और सरल विकल्पों का संवाद।

स्रोत प्रश्न: विष्णु पुराण में पुरूरवा संवाद क्या है? →
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स्वर्ग से पुण्य क्षीण होने का संकेत क्या है?

स्वर्ग में पुण्य क्षीण होने के दो संकेत हैं — शरीर से पसीना आना और गले की दिव्य माला का मुरझाना। ये संकेत मिलते ही स्वर्ग से निष्कासन निश्चित है।

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त्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।

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राजा सगर और और्व संवाद क्या है?

श्राद्ध तत्त्व और योगी भोजन का संवाद।

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विष्णु पुराण में पुरूरवा संवाद क्या है?

श्राद्ध काल और सरल विकल्पों का संवाद।

#पुरूरवा#सनत्कुमार#विष्णु पुराण
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त्रयोदशी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?

पुराणों और धर्मशास्त्रों में इसका आधार है।

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दशमी श्राद्ध में पितरों की आकांक्षा क्या है?

पिण्डदान और पायस अर्पण की आकांक्षा।

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विष्णु पुराण में पितृ गाथा क्या है?

पितरों की श्राद्ध-आकांक्षा का वर्णन।

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दशमी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?

पुराणों और स्मृतियों में इसका आधार है।

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विष्णु पुराण में योगी भोजन का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन जैसा पुण्य।

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नवमी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?

हजार ब्राह्मण भोजन के समान फल।

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विष्णु पुराण में तृतीया का महत्व क्या है?

विष्णु पुराण तृतीया को अनंत पुण्यदायी तिथि मानता है।

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विष्णु पुराण में अधोलोकों के नाम क्या हैं?

विष्णु पुराण में अधोलोकों के नाम अतल, वितल, नितल, गभस्तिमान, महातल, सुतल और पाताल बताए गए हैं।

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गभस्तिमत् क्या है?

गभस्तिमत् तलातल लोक का नाम है, जो चौथे अधोलोक के लिए प्रयुक्त हुआ है।

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ऋषि परंपरा

सप्तऋषियों के नाम और उनकी पूजा का विधान क्या है?

विष्णु पुराण के अनुसार वर्तमान मन्वंतर के सप्तऋषि: वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज। भाद्रपद शुक्ल पंचमी (ऋषि पंचमी) को इनकी पूजा से पाप कर्म नष्ट होते हैं।

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अन्य शब्दों के क्या है

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