विस्तृत उत्तर
विष्णु पुराण में सात अधोलोकों के नाम अतल, वितल, नितल, गभस्तिमान, महातल, सुतल और पाताल बताए गए हैं। महर्षि पराशर द्वारा वर्णित इस क्रम में 'तलातल' और 'रसातल' के स्थान पर 'नितल' और 'गभस्तिमान' का उल्लेख मिलता है। विष्णु पुराण के अनुसार, पृथ्वी के धरातल से सत्तर हजार योजन नीचे इन सातों अधोलोकों का पूर्ण विस्तार है। प्रत्येक लोक की गहराई और विस्तार दस हजार योजन है। विष्णु पुराण में पाताल की भूमियों को भिन्न-भिन्न रंगों वाली बताया गया है—कोई श्वेत, कोई काली, कोई बैंगनी या अरुण, कोई पीली, कोई कंकरीली, कोई पथरीली और कोई शुद्ध स्वर्णमयी है।
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