लोकस्वर्ग से पुण्य क्षीण होने का संकेत क्या है?स्वर्ग में पुण्य क्षीण होने के दो संकेत हैं — शरीर से पसीना आना और गले की दिव्य माला का मुरझाना। ये संकेत मिलते ही स्वर्ग से निष्कासन निश्चित है।#पुण्य क्षीण#स्वर्ग#माला मुरझाना
लोकत्रयोदशी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?हजार ब्राह्मण भोजन से भी श्रेष्ठ।#योगी भोजन#त्रयोदशी#विष्णु पुराण
लोकराजा सगर और और्व संवाद क्या है?श्राद्ध तत्त्व और योगी भोजन का संवाद।#राजा सगर#और्व ऋषि#विष्णु पुराण
लोकविष्णु पुराण में पुरूरवा संवाद क्या है?श्राद्ध काल और सरल विकल्पों का संवाद।#पुरूरवा#सनत्कुमार#विष्णु पुराण
लोकत्रयोदशी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?पुराणों और धर्मशास्त्रों में इसका आधार है।#गरुड़ पुराण#विष्णु पुराण#मत्स्य पुराण
लोकदशमी श्राद्ध में पितरों की आकांक्षा क्या है?पिण्डदान और पायस अर्पण की आकांक्षा।#पितृ आकांक्षा#विष्णु पुराण#पायस
लोकविष्णु पुराण में पितृ गाथा क्या है?पितरों की श्राद्ध-आकांक्षा का वर्णन।#विष्णु पुराण#पितृ गाथा#श्राद्ध
लोकदशमी श्राद्ध का शास्त्रीय आधार क्या है?पुराणों और स्मृतियों में इसका आधार है।#गरुड़ पुराण#विष्णु पुराण#याज्ञवल्क्य स्मृति
लोकविष्णु पुराण में योगी भोजन का फल क्या है?हजार ब्राह्मण भोजन जैसा पुण्य।#विष्णु पुराण#योगी#श्राद्ध भोज
लोकनवमी श्राद्ध में योगी को भोजन कराने का फल क्या है?हजार ब्राह्मण भोजन के समान फल।#योगी भोजन#विष्णु पुराण#श्राद्ध फल
लोकविष्णु पुराण में तृतीया का महत्व क्या है?विष्णु पुराण तृतीया को अनंत पुण्यदायी तिथि मानता है।#विष्णु पुराण#तृतीया तिथि#अक्षय पुण्य
लोकविष्णु पुराण में अधोलोकों के नाम क्या हैं?विष्णु पुराण में अधोलोकों के नाम अतल, वितल, नितल, गभस्तिमान, महातल, सुतल और पाताल बताए गए हैं।#विष्णु पुराण#अधोलोक#पाताल लोक
लोकगभस्तिमत् क्या है?गभस्तिमत् तलातल लोक का नाम है, जो चौथे अधोलोक के लिए प्रयुक्त हुआ है।#गभस्तिमत्#तलातल#विष्णु पुराण
ऋषि परंपरासप्तऋषियों के नाम और उनकी पूजा का विधान क्या है?विष्णु पुराण के अनुसार वर्तमान मन्वंतर के सप्तऋषि: वशिष्ठ, कश्यप, अत्रि, जमदग्नि, गौतम, विश्वामित्र, भारद्वाज। भाद्रपद शुक्ल पंचमी (ऋषि पंचमी) को इनकी पूजा से पाप कर्म नष्ट होते हैं।#सप्तऋषि#सात ऋषि#ऋषि पंचमी