उपनिषद का महत्व(7)
सरल उत्तर
श्वेताश्वतर उपनिषद (6/23) में 'यस्य देवे परा भक्तिः' — ईश्वर और गुरु में परम भक्ति हो तो ही उपनिषद-ज्ञान प्रकट होता है। मुण्डकोपनिषद (3/1/5) में आत्मा उसी के लिए प्रकट होती है जिसे वह चुनती है — यह चुनाव भक्ति और प्रेम पर आधारित है।
स्रोत प्रश्न: उपनिषद में भक्ति का महत्व क्या है? →#भक्ति#उपनिषद#श्वेताश्वतर
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