शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
नृसिंह मंत्र
ॐ वनमालिने नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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स्वरूपवनमाली रूप
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो सुगंधित वन-पुष्पों की वैजयंती माला पहनते हैं, उन्हें नमस्कार है।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
प्रकृति से गहरा जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का जागरण
विस्तृत लाभ
प्रकृति से गहरा जुड़ाव और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता का जागरण।
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ॐ पिङ्गाक्षाय नमः
ॐ गद्यपद्यवासिन्यै स्वाहा मामुत्तरेऽवतु। (अर्थ: गद्य-पद्य में निवास करने वाली देवी उत्तर में रक्षा करें) 8
ॐ शान्तिदाय नमः।
ॐ नं रीं नित्यतृप्तधाम्ने तत्पुरुषात्मने तर्जनीभ्यां नमः
ॐ नित्यायै नमः
जपतां कवचं नित्यं सर्वसौभाग्यपूरितम्। इति श्रीविष्णुयामले उपरिभागे जामदग्न्यदिव्याञ्जनसिद्धिकल्पे श्रीभार्गवकवचं सम्पूर्णम्॥