शास्त्रीय पौराणिक मंत्र
परशुराम मंत्र
ॐ विभवे नमः
साधना मंडल
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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प्रकारनाम-मंत्र
स्वरूपसर्वसमर्थ प्रभु
अर्थ एवं भावार्थ
इस मंत्र का अर्थ
जो अपने संकल्प मात्र से कुछ भी करने में समर्थ (विभु) हैं।
लाभ एक दृष्टि में
इस मंत्र से क्या होगा?
01
सामर्थ्य
विस्तृत लाभ
सामर्थ्य
जप काल
नित्य
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अन्य देवताओं के मंत्र
प्रत्येक देवता का एक चुनिंदा मंत्र
ॐ गद्यपद्यवासिन्यै स्वाहा मामुत्तरेऽवतु। (अर्थ: गद्य-पद्य में निवास करने वाली देवी उत्तर में रक्षा करें) 8
ॐ ह्रीं श्रीं क्लीं सर्वपूज्ये देवि मङ्गलचण्डिके ऐं क्रूं फट् स्वाहा॥
ॐ ह्रीं ह्रीं साफल्यायै सिद्धये ॐ नमः
ॐ कल्पलतायै नमः
ॐ परमपुरुषाय नमः
वसुन्धरे श्री वसुधे वसुदोग्ध्रे कृपामयि! त्वत्कुक्षिगतं सर्वस्वं शीघ्रं मे त्वं प्रदर्शय॥