विस्तृत उत्तर
छिपकली का शरीर पर गिरना शकुन शास्त्र में विस्तार से वर्णित है। सामुद्रिक शास्त्र का वही मूल नियम यहां भी लागू होता है।
मूल नियम
पुरुषों का दाहिना अंग शुभ, बायां अशुभ। महिलाओं का बायां शुभ, दाहिना अशुभ।
अंग अनुसार शकुन (शकुन शास्त्र — web-verified)
| शरीर का अंग | फल |
|---|---|
| सिर | धन प्राप्ति, राज्य सम्मान — शुभ |
| माथा | किसी प्रिय से मुलाकात — शुभ |
| दायां कान | आभूषण/रत्न प्राप्ति — शुभ |
| बायां कान | आयु वृद्धि — शुभ |
| नाक | भाग्योदय, मान-प्रतिष्ठा — अत्यंत शुभ |
| भौंह | आर्थिक हानि — अशुभ |
| दायीं आंख | कार्य में असफलता — अशुभ |
| बायीं आंख | अपमान — अशुभ |
| मुख/होंठ | स्वादिष्ट भोजन प्राप्ति |
| गर्दन | मान-सम्मान वृद्धि — शुभ |
| दायां कंधा | विजय प्राप्ति — शुभ |
| बायां कंधा | नए शत्रु — अशुभ |
| दायां हाथ | धन लाभ — शुभ |
| बायां हाथ | संपत्ति हानि — अशुभ |
| पेट | स्वादिष्ट भोजन |
| कमर | यात्रा का योग |
| दायां पैर | यात्रा से लाभ — शुभ |
| बायां पैर | बीमारी/कलह — अशुभ |
| दायां तलवा | ऐश्वर्य प्राप्ति — शुभ |
| बायां तलवा | व्यापार हानि — अशुभ |
उपाय (अशुभ स्थान पर गिरे तो)
- 1तुरंत स्नान करें — सबसे महत्वपूर्ण।
- 2गाय को हरा चारा खिलाएं — अशुभता दूर।
- 3ईश्वर स्मरण — शिव/विष्णु मंत्र।
स्पष्टीकरण: छिपकली शकुन पूर्णतः शकुन शास्त्र और लोक परंपरा पर आधारित है। वैदिक/पौराणिक ग्रंथों में इसका उल्लेख नहीं। व्यावहारिक: छिपकली गिरने पर स्नान = स्वच्छता (छिपकली की लार में हल्का विष हो सकता है)।




