नमः शिवाय मंत्र परिचयनमः शिवाय मंत्र की प्रामाणिकता कहाँ से है?नमः शिवाय की प्रामाणिकता वेदों में है — कृष्ण यजुर्वेद की 'श्री रुद्रम् चमकम्' और शुक्ल यजुर्वेद की 'रुद्राष्टाध्यायी' में यह अनादि काल से विद्यमान है।#यजुर्वेद#श्री रुद्रम्#रुद्राष्टाध्यायी
नमः शिवाय मंत्र परिचयनमः शिवाय मंत्र की महिमा क्या है?शिव महापुराण: इसकी महिमा सौ करोड़ वर्षों में नहीं कही जा सकती। स्कंद पुराण: जिसके हृदय में यह मंत्र है उसे तीर्थ, तपस्या, यज्ञ की आवश्यकता नहीं। यह वेदों का सारतत्व और मोक्षदायक है।#नमः शिवाय महिमा#शिव महापुराण#लौकिक पारलौकिक
नमः शिवाय मंत्र परिचयनमः शिवाय मंत्र का शाब्दिक अर्थ क्या है?'नमः शिवाय' का अर्थ है 'मैं शिव को नमन करता हूँ' — यह अहंकार का भगवान के चरणों में विसर्जन है। वैदिक अर्थ: 'उस कल्याणकारी शिव को नमस्कार और उनसे भी अधिक कल्याणकारी को भी नमस्कार।'#नमः शिवाय अर्थ#शिव को नमन#अहंकार विसर्जन
नमः शिवाय मंत्र परिचयनमः शिवाय को 'पंचाक्षर मंत्र' क्यों कहते हैं?'नमः शिवाय' को पंचाक्षर मंत्र इसलिए कहते हैं क्योंकि इसमें पाँच अक्षर (न, म, शि, वा, य) हैं — ॐ जोड़ने पर यह 'षडाक्षर मंत्र' बनता है।#पंचाक्षर मंत्र#पाँच अक्षर#षडाक्षर
नमः शिवाय मंत्र परिचयनमः शिवाय मंत्र क्या है?नमः शिवाय भगवान शिव का आदिमंत्र है — यह केवल पाँच अक्षर नहीं बल्कि स्वयं शिव का शब्द-स्वरूप और साक्षात् नाद-विग्रह है। शिव महापुराण के अनुसार इसकी महिमा सौ करोड़ वर्षों में भी नहीं कही जा सकती।#नमः शिवाय#पंचाक्षर मंत्र#शिव आदिमंत्र