विस्तृत उत्तर
वास्तु शास्त्र में दौड़ते हुए सात घोड़ों की तस्वीर को सफलता, प्रगति, शक्ति और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। सात घोड़े भगवान सूर्य के रथ से भी संबंधित हैं, जो ऊर्जा और गति का प्रतिनिधित्व करते हैं।
किस दिशा में लगाएँ
- 1पूर्व दिशा — घर के लिए सर्वोत्तम। सूर्योदय की दिशा होने से सकारात्मक ऊर्जा, रुके काम पूरे होना और घर में समृद्धि आती है।
- 1दक्षिण दिशा — कार्यालय/ऑफिस के लिए उत्तम। प्रसिद्धि, सम्मान और करियर में सफलता प्रदान करती है।
- 1उत्तर दिशा — धन वृद्धि और करियर में तरक्की के लिए। उत्तर कुबेर की दिशा है।
कहाँ लगाएँ
- ▸लिविंग रूम — सबसे उपयुक्त स्थान।
- ▸मुख्य द्वार या खिड़की से दूर रखें।
कहाँ न लगाएँ
- ▸बेडरूम, स्टडी रूम, पूजा कक्ष या शौचालय के पास।
तस्वीर में ध्यान रखने योग्य बातें
- ▸सातों घोड़े स्पष्ट और पूर्ण दिखने चाहिए।
- ▸घोड़े सफेद रंग के शांतिपूर्ण भाव में दौड़ते हों — आक्रामक नहीं।
- ▸घोड़ों की लगाम बंधी न हो (कुछ स्रोतों में लगाम बंधी होने का भी विधान है — इसमें मत भिन्नता है)।
- ▸घोड़ों का मुख भवन के अंदर की ओर होना चाहिए।
- ▸पृष्ठभूमि में सूर्य देव की तस्वीर वाला चित्र विशेष शुभ है।
- ▸काले रंग के घोड़ों से बचें।
- ▸घोड़े जमीन पर दौड़ते दिखें, पानी पर नहीं।
ध्यान दें: सात का अंक शुभ माना जाता है — सात ऋषि, इन्द्रधनुष के सात रंग, संगीत के सात स्वर आदि।





