विस्तृत उत्तर
सरस्वती बीज मंत्र:
'ॐ ऐं नमः' या 'ॐ ऐं सरस्वत्यै नमः'
प्रयोग एवं अर्थ: 'ऐं' (Aim) वाग्बीज है। यह सृष्टि के प्रथम नाद का प्रतीक है।
अनुष्ठान के समय इस त्र्याक्षर मंत्र का जाप नाभि प्रदेश (मणिपुर चक्र) पर ध्यान केंद्रित करते हुए करने का विधान है। नाभि से उठने वाली यह ध्वनि नाड़ी-तंत्र को जागृत करती है और मन की चंचलता को तत्काल शांत कर बुद्धिमत्ता (Intellect) का विकास करती है।
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