विस्तृत उत्तर
वाक्-सिद्धि एवं बुद्धिवर्धक मंत्र:
ॐ अर्हं मुख कमल वासिनी पापात्म क्षयम् कारी वद वद वाग्वादिनी सरस्वती ऐं ह्रीं नमः स्वाहा।
अर्थ एवं प्रयोग: 'हे मेरे मुख-कमल में वास करने वाली, पापों का क्षय करने वाली वाग्देवी सरस्वती, मुझे उत्कृष्ट वाणी का वरदान दें।'
तंत्र शास्त्र के अनुसार, इस मंत्र का सवा लाख बार पुरश्चरण (जाप) करने से व्यक्ति को प्रखर वक्ता बनने की वाक्-सिद्धि प्राप्त होती है। यह उन बच्चों के लिए विशेष लाभकारी है जिन्हें उच्चारण या हकलाने (Speech disabilities) की समस्या है।
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