विस्तृत उत्तर
आश्विन मास के श्राद्ध पक्ष (पितृ पक्ष) की अंतिम तिथि को 'सर्वपितृ अमावस्या' या महालया कहते हैं। धर्मसिंधु के अनुसार यह एक 'सुरक्षा कवच' है। यदि किसी व्यक्ति को अपने पूर्वजों की मृत्यु तिथि याद न हो, या वह श्राद्ध पक्ष में पूरे समय श्राद्ध करना भूल गया हो, तो सिर्फ इस एक दिन श्राद्ध और ब्राह्मण भोज कराने से सभी ज्ञात-अज्ञात पितर तृप्त होकर अपने लोक वापस लौट जाते हैं।


