विस्तृत उत्तर
शिव पूजा से मनोकामना-पूर्ति का वर्णन शिव पुराण में शिव के 'आशुतोष' (शीघ्र प्रसन्न होने वाले) स्वरूप के संदर्भ में किया गया है।
शास्त्रीय आधार
शिव पुराण: 'आशुतोषः सदा शम्भुः भक्तानां वाञ्छितप्रदः।' — शम्भु शीघ्र प्रसन्न होने वाले हैं और भक्तों की इच्छाएँ पूर्ण करते हैं। शिव = 'आशुतोष' — अन्य देवताओं की तुलना में शिव सबसे शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
मनोकामना-पूर्ति की प्रक्रिया
1चमकम् पाठ — इच्छा-विज्ञान
तैत्तिरीय संहिता 4.7 (चमकम्): इसमें 346 वस्तुओं की प्रार्थना 'च मे' (और यह मुझे दो) के रूप में की जाती है। यह मनोकामना-अभिव्यक्ति का सर्वाधिक विस्तृत वैदिक रूप है।
2प्रदोष व्रत (स्कंद पुराण)
प्रदोष काल में शिव और पार्वती नंदी पर विराजकर कैलाश पर नृत्य करते हैं। इस समय माँगी गई मनोकामना शीघ्र पूर्ण होती है। स्कंद पुराण: 'प्रदोषे शिवपूजा तु सर्वकामप्रदायिनी।'
3रुद्राभिषेक
लिंग पुराण: विशिष्ट मनोकामना के लिए विशेष द्रव्य से अभिषेक:
- ▸पुत्र-प्राप्ति: दूध-अभिषेक
- ▸धन: दही-अभिषेक
- ▸वाक्-सिद्धि: शहद-अभिषेक
- ▸मोक्ष: घी-अभिषेक
4सोलह सोमवार व्रत
शिव पुराण (उमा संहिता): सोलह सोमवार का व्रत — जो भी मनोकामना होे, वह पूर्ण होती है।
महत्त्वपूर्ण: शिव पुराण में यह भी कहा गया है कि शिव की कृपा से मिली वस्तु सदा कल्याणकारी होती है — वे वही देते हैं जो भक्त के लिए वास्तव में उचित हो।





