विस्तृत उत्तर
तपोलोक विशुद्ध योगियों, निष्काम तपस्वियों और विशिष्ट देवगणों का नित्य निवास स्थान है। शास्त्रों में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि तपोलोक में मुख्य रूप से वैराज नामक अयोनिज देवगण रहते हैं। ये देवगण जन्म-मरण और दाह के प्रभाव से मुक्त हैं। वे ब्रह्मा जी के विराट स्वरूप या विराज से प्रकट हुए अत्यंत तेजोमय, सात्त्विक और पवित्र सत्ताएँ हैं, जो भौतिक सीमाओं से परे हैं। इसलिए उनका निवास तपोलोक जैसे विशुद्ध सात्त्विक, चिन्मय और तपस्वियों के लोक में बताया गया है।
आगे क्या पढ़ें
प्रश्न से जुड़े हब और आज के उपयोगी पंचांग लिंक
