ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

शिव मंत्र — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 27 प्रश्न

🔍
शिव मंत्र

शिव मंत्र जप से पहले न्यास विधि कैसे करें?

न्यास = शरीर के अंगों में शिव/मंत्र शक्ति की स्थापना। 'न्यास बिना जप निष्फल' — शास्त्र वचन। करन्यास: उंगलियों पर बीजाक्षर न्यस्त करें। षडंग न्यास: हृदय, शिर, शिखा, कवच, नेत्र, अस्त्र पर स्पर्श। पंचाक्षरी न्यास: न-मः-शि-वा-य = पंचतत्व-पंचांग पर। गुरु से सीखना सर्वोत्तम।

न्यास विधिकरन्यासअंगन्यास
शिव मंत्र

शिव मंत्र का उपांशु जप और मानस जप में कौन अधिक फलदायी है?

मानस (मन में) > उपांशु (फुसफुसाकर) > वाचिक (बोलकर)। शास्त्र: मानस = 100-1000 गुना फल। उपांशु = अनुष्ठान में सर्वाधिक प्रचलित। शुरुआत: उपांशु/वाचिक, अभ्यास बाद: मानस। भक्ति भाव सर्वोपरि।

उपांशुमानसजप
शिव मंत्र

मृत्युंजय मंत्र और महामृत्युंजय मंत्र में क्या अंतर है?

मृत्युंजय = ऋग्वेद 7.59.12 मूल श्लोक ('ॐ त्र्यम्बकं यजामहे...')। महामृत्युंजय = मूल + बीज (हौं जूं सः) + व्याहृति = तांत्रिक विस्तार, अधिक शक्तिशाली। मूल = सभी, बिना दीक्षा। बीज सहित = गुरु श्रेष्ठ। 33 अक्षर = 33 देवता। मार्कंडेय ने मृत्यु जीती।

मृत्युंजयमहामृत्युंजयअंतर

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।