ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

ज्योतिष — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 9 प्रश्न

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नवग्रह शांति मंत्र का जप एक साथ कैसे करें?

सरलतम: नवग्रह स्तोत्र ('जपाकुसुमसंकाशं...') प्रतिदिन = 5 मिनट = 9 ग्रह शांत। क्रमिक: 9 ग्रह × 108 = 972 जप। एकत्र बीज मंत्र (सभी बीज एक में) 108 बार। शनिवार/रविवार। सूर्योदय।

नवग्रहएक साथशांति
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राहु मंत्र का जप राहु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ भ्रां भ्रीं भ्रौं सः राहवे नमः' 18,000। सरल: 'ॐ रां राहवे नमः' 108 नित्य। शनिवार/बुधवार रात्रि, काले वस्त्र, गोमेद/रुद्राक्ष माला, सरसों दीपक। 40 दिन। दुर्गा सप्तशती भी प्रभावी। ज्योतिषी परामर्श।

राहुमंत्रदोष
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मंत्र जप से कालसर्प दोष का निवारण कैसे करें?

मंत्र: महामृत्युंजय सवा लाख+हवन (सर्वाधिक प्रभावी)। 'ॐ नमः शिवाय'। राहु: 'ॐ रां राहवे नमः' 18,000। केतु: 'ॐ कें केतवे नमः' 17,000। विष्णु सहस्रनाम। अन्य: त्र्यम्बकेश्वर/महाकाल पूजा, रुद्राभिषेक, नाग पंचमी। ज्योतिषी से कुण्डली परामर्श।

कालसर्पराहु केतुमंत्र
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केतु मंत्र का जप केतु दोष शांति के लिए कैसे करें?

बीज: 'ॐ स्रां स्रीं स्रौं सः केतवे नमः' 17,000। सरल: 'ॐ कें केतवे नमः' 108। मंगलवार/शनिवार, भूरे वस्त्र, 7 मुखी रुद्राक्ष। गणेश पूजा। केतु = मोक्षकारक भी। ज्योतिषी परामर्श।

केतुमंत्रदोष
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मंत्र जप से पितृ दोष कैसे दूर होता है?

मंत्र: पितृ गायत्री, महामृत्युंजय, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय', 'ॐ पितृभ्यो नमः'। विधि: पितृ पक्ष श्राद्ध+तर्पण, अमावस्या तर्पण (तिल+जल), गया श्राद्ध सर्वश्रेष्ठ, पीपल जल, गरुड़ पुराण, अन्नदान = सबसे प्रभावी।

पितृ दोषश्राद्धतर्पण
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मंगल गायत्री मंत्र का जप मंगल दोष के लिए कैसे करें?

'ॐ अंगारकाय विद्महे भूमिपुत्राय धीमहि तन्नो कुजः प्रचोदयात्'। बीज: 'ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः' 10,000। मंगलवार, लाल वस्त्र, मूंगा माला। हनुमान पूजा = मंगल शांति। ज्योतिषी से मांगलिक दोष पुष्टि करवाएं।

मंगलगायत्रीमांगलिक
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ग्रह शांति के लिए कौन से मंत्र जपने चाहिए?

सार्वभौमिक: नवग्रह स्तोत्र, महामृत्युंजय, गायत्री। 9 ग्रह बीज: सूर्य (ह्रां), चंद्र (श्रां), मंगल (क्रां), बुध (ब्रां), गुरु (ग्रां), शुक्र (द्रां), शनि (प्रां), राहु (भ्रां), केतु (स्रां)। कुण्डली → ज्योतिषी → विशिष्ट ग्रह जप।

ग्रह शांतिनवग्रहमंत्र
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नवग्रह मंत्रों का जप कैसे और कब करें?

9 ग्रह बीज मंत्र: सूर्य (ह्रां) 7K, चंद्र (श्रां) 11K, मंगल (क्रां) 10K, बुध (ब्रां) 9K, गुरु (ग्रां) 19K, शुक्र (द्रां) 16K, शनि (प्रां) 23K, राहु (भ्रां) 18K, केतु (स्रां) 17K। ग्रह के दिन जप। नवग्रह स्तोत्र नित्य। कुण्डली परामर्श → विशिष्ट ग्रह जप।

नवग्रहग्रह मंत्रजप
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शनि मंत्र का जप शनि दोष निवारण के लिए कैसे करें?

मंत्र: 'ॐ प्रां प्रीं प्रौं सः शनैश्चराय नमः' 23,000 या 'ॐ शं शनैश्चराय नमः' 108 नित्य। शनिवार, काले/नीले वस्त्र, लोहे की माला, सायंकाल, सरसों तेल दीपक। हनुमान चालीसा शनिवार। सरसों तेल दान। काले कुत्ते को रोटी। ज्योतिषी परामर्श।

शनिमंत्रसाढ़ेसाती

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।