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पितर प्रश्नोत्तरी — 86 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित पितर विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 86 प्रश्न

लोक

दशमी श्राद्ध में दक्षिण दिशा क्यों?

दक्षिण पितरों की दिशा है।

दक्षिण दिशायमराजपितर
लोक

श्राद्ध में वसु रुद्र आदित्य का काम क्या है?

वे श्राद्ध द्रव्य पितरों तक पहुँचाते हैं।

श्राद्ध देवतावसु रुद्र आदित्यपितर
लोक

श्राद्ध में नाम गोत्र क्यों बोलते हैं?

पितर की पहचान के लिए।

नाम गोत्रश्राद्ध मंत्रपितर
लोक

विश्वेदेवों का आवाहन क्यों जरूरी है?

वे श्राद्ध की रक्षा करते हैं।

विश्वेदेवश्राद्ध रक्षापितर
लोक

अष्टमी श्राद्ध में अन्न का रूप कैसे बदलता है?

अन्न सूक्ष्म ऊर्जा बनकर पहुँचता है।

अन्न रूपांतरणश्राद्ध विज्ञानपितर
लोक

अष्टमी श्राद्ध में पितरों की प्रार्थना कैसी करें?

पितरों की तृप्ति की भावना से भोजन कराएं।

प्रार्थनाब्राह्मण भोजपितर
लोक

श्राद्ध न करने से क्या होता है?

पितर अतृप्त रह सकते हैं।

श्राद्ध न करनापितृ दोषपितर
लोक

अष्टमी श्राद्ध में स्वधा का क्या महत्व है?

स्वधा पितृ अर्पण का मंत्र भाव है।

स्वधापितरश्राद्ध मंत्र
लोक

अष्टमी श्राद्ध में तिल न हों तो क्या होता है?

तिल के बिना श्राद्ध अपूर्ण माना गया है।

तिलश्राद्ध दोषपितर
लोक

अष्टमी श्राद्ध में कुशा क्यों जरूरी है?

कुशा पितृ कर्म का पवित्र द्रव्य है।

कुशाश्राद्ध द्रव्यपितर
लोक

अष्टमी श्राद्ध में अपराह्न काल क्यों जरूरी है?

अपराह्न पितरों का मुख्य श्राद्ध समय है।

अपराह्नश्राद्ध समयपितर
लोक

अष्टमी श्राद्ध किन पितरों के लिए होता है?

अष्टमी को दिवंगत पितरों के लिए।

पितरअष्टमी श्राद्धमृत्यु तिथि
लोक

सप्त पितृगण कौन हैं?

बर्हिषद, अग्निष्वात्त, क्रव्याद, आज्यप, सुकलिन, उपहूत और साध्य सप्त पितृगण हैं।

सप्त पितृगणगरुड़ पुराणपितर
लोक

पितृलोक क्या है?

पितरों का पारलौकिक लोक पितृलोक है।

पितृलोकपितरश्राद्ध
लोक

सप्तमी को किसका श्राद्ध करें?

सप्तमी मृत्यु तिथि वाले पितरों का श्राद्ध करें।

सप्तमी को किसका श्राद्धसप्तमी मृत्युपितर
लोक

सप्तमी श्राद्ध किसके लिए होता है?

यह सप्तमी तिथि को दिवंगत पितरों के लिए होता है।

सप्तमी श्राद्ध किसके लिएमृत्यु तिथिपितर
लोक

पितृलोक क्या है?

पितरों का पारलौकिक लोक पितृलोक कहलाता है।

पितृलोकपितरश्राद्ध
लोक

तृतीया को किसका श्राद्ध करें?

तृतीया मृत्यु तिथि वाले पितरों का श्राद्ध तृतीया को किया जाता है।

तृतीया को किसका श्राद्धमृत्यु तिथिपितर
लोक

तृतीया श्राद्ध किसके लिए है?

यह तृतीया तिथि को दिवंगत हुए पितरों के लिए किया जाता है।

तृतीया श्राद्ध किसके लिएमृत्यु तिथिपितर
पितृ पक्ष

पितृ पक्ष में पितर कहाँ से आते हैं?

वायु पुराण के अनुसार पितर चंद्रलोक के माध्यम से दक्षिण दिशा से अपने वंशजों के घर के द्वार पर वायु रूप में उपस्थित होते हैं। 16 दिनों तक वे सम्मान, तर्पण और अन्नादि की प्रतीक्षा करते हैं।

पितरचंद्रलोकवायु पुराण
श्राद्ध दर्शन

सर्प योनि वाले पितर को श्राद्ध कैसे प्राप्त होता है?

सर्प आदि रेंगने वाली योनियों में स्थित पितर को श्राद्ध का अंश 'वायु' बनकर तृप्ति देता है। मंत्र शक्ति से अन्न उनकी योनि के योग्य रूप में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।

सर्प योनिवायुपितर
श्राद्ध दर्शन

पशु योनि वाले पितर को श्राद्ध का अंश क्या बनकर मिलता है?

पशु योनि में स्थित पितर को श्राद्ध का अंश 'तृण' (घास) बनकर मिलता है। पशु अन्न नहीं खा सकते — इसलिए मंत्र शक्ति से अन्न उनके योग्य घास में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।

पशु योनितृणघास
श्राद्ध दर्शन

असुर योनि में पितर को श्राद्ध कैसे मिलता है?

असुर योनि में स्थित पितर को श्राद्ध का अन्न 'विविध भोगों' के रूप में प्राप्त होता है। मंत्र शक्ति + श्रद्धा से अन्न उनकी योनि के योग्य रूप में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।

असुर योनिविविध भोगपितर
श्राद्ध दर्शन

देवता बने पितर को श्राद्ध का अन्न किस रूप में मिलता है?

श्रेष्ठ कर्मों से देवत्व प्राप्त पितर को श्राद्ध का अन्न 'अमृत' रूप में मिलता है। मंत्र शक्ति + श्रद्धा से स्थूल अन्न देव योनि के लिए दिव्य अमृत में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।

देव योनिअमृतपितर

विषय-वार प्रश्नोत्तर

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सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।