ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

नवजात — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 3 प्रश्न

🔍
दैनिक आचार

जन्म सूतक कितने दिन का होता है

जन्म सूतक = 10-11 दिन (सामान्य)। माता के लिए 40 दिन (कुछ परंपरा)। 11वें दिन शुद्धि — स्नान, नामकरण। पूजा/मंदिर सीमित। मृत्यु सूतक से नियम कुछ शिथिल — जन्म = शुभ अशौच।

जन्म सूतकअशौचनवजात
षोडश संस्कार

जातकर्म संस्कार कब और कैसे करें

जातकर्म = चतुर्थ संस्कार, जन्म के तुरन्त बाद। मुख्य: शहद+घी सोने की शलाका से चटाना (मेधा-आयु-बल हेतु)। मेधा सूक्त पाठ, शिशु के कान में मंत्र, प्रथम स्तनपान। पिता मुख देखे, कुण्डली बनवाएँ। आधुनिक: चिकित्सक सलाह अनुसार शहद।

जातकर्मसंस्कारनवजात
मंदिर संस्कार

मंदिर में नवजात शिशु को ले जाने का सही समय कब है?

सही समय: सूतक (10-12 दिन) बाद → 40 दिन-4 माह (सर्वप्रचलित) → निष्क्रमण संस्कार (3-4 माह)। आयुर्वेद: 3 माह तक घर, 3-6 माह कम भीड़, 6 माह बाद सामान्य। विधि: मुहूर्त → स्नान → नवीन वस्त्र → दर्शन → आशीर्वाद → कुंकुम/विभूति। सावधानी: भीड़/धुआँ/ध्वनि/बीमारी से बचाएँ।

नवजातशिशु दर्शनप्रथम दर्शन

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।