ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
📿
धर्म-संबंधी शंका हो? शास्त्रों में उत्तर है।
पौराणिक प्रश्नोत्तरी — वेद, पुराण और तंत्र-शास्त्रों से प्रमाणित उत्तर, सरल हिंदी में
सभी प्रश्न देखें →
षोडश संस्कार📜 आश्वलायन गृह्यसूत्र, पारस्कर गृह्यसूत्र, मनुस्मृति2 मिनट पठन

जातकर्म संस्कार कब और कैसे करें

संक्षिप्त उत्तर

जातकर्म = चतुर्थ संस्कार, जन्म के तुरन्त बाद। मुख्य: शहद+घी सोने की शलाका से चटाना (मेधा-आयु-बल हेतु)। मेधा सूक्त पाठ, शिशु के कान में मंत्र, प्रथम स्तनपान। पिता मुख देखे, कुण्डली बनवाएँ। आधुनिक: चिकित्सक सलाह अनुसार शहद।

📖

विस्तृत उत्तर

जातकर्म षोडश संस्कारों में चतुर्थ संस्कार है, जो शिशु के जन्म के तुरन्त बाद किया जाता है।

कब करें

  • शिशु के जन्म के तुरन्त बाद — नाभिनाल (गर्भनाल) काटने से पूर्व या तुरन्त बाद।
  • आदर्श: जन्म के दिन ही।
  • यदि सम्भव न हो तो 10 दिन के भीतर (सूतक काल पूर्ण होने तक)।

कैसे करें (विधि)

1मधु-घृत प्राशन (प्रमुख कर्म)

  • सोने की शलाका (या चम्मच) से शिशु को शहद और घी (गाय का) चटाएँ।
  • मंत्र: 'ॐ भूस्त्वयि दधामि, ॐ भुवस्त्वयि दधामि, ॐ स्वस्त्वयि दधामि।'
  • भावना: शिशु को मेधा (बुद्धि), आयु, और बल प्रदान।

2मेधा जनन

  • 'मेधां ते देवः सविता, मेधां देवी सरस्वती, मेधां ते अश्विनावुभौ...' — मेधा सूक्त का पाठ।
  • शिशु के कान में वैदिक मंत्र पढ़ें।

3आयुष्य कर्म

  • शिशु की दीर्घायु हेतु प्रार्थना।

4स्तनपान

  • 'ॐ सरस्वत्यै नमः' बोलकर माता शिशु को पहला स्तनपान कराए।

5पिता द्वारा

  • पिता शिशु का मुख देखे और मंत्र पढ़े।
  • नक्षत्र/जन्म कुण्डली बनवाएँ।

आधुनिक सन्दर्भ

आज अस्पताल में प्रसव होने के कारण यह संस्कार प्रायः सरल रूप में किया जाता है — पिता शिशु को देखकर मंत्र पढ़े, शहद-घी (चिकित्सक की अनुमति से) चटाएँ, और गुरुजनों का आशीर्वाद लें।

ध्यान दें: शहद शिशु को चिकित्सक की सलाह से ही दें — आधुनिक चिकित्सा में नवजात को शहद न देने की सलाह दी जाती है। परम्परा और चिकित्सा दोनों का सम्मान करें।

📜
शास्त्रीय स्रोत
आश्वलायन गृह्यसूत्र, पारस्कर गृह्यसूत्र, मनुस्मृति
क्या यह उत्तर उपयोगी था? इसे अपने प्रियजनों के साथ साझा करें

🏷 सम्बंधित विषय

जातकर्मसंस्कारनवजातजन्म

इसी विषय के अन्य प्रश्न

📚

विस्तार से पढ़ें

इस विषय पर हमारे विस्तृत लेख और मार्गदर्शिकाएँ

जातकर्म संस्कार कब और कैसे करें — शास्त्रों के अनुसार

पौराणिक पर आपको षोडश संस्कार से जुड़े प्रमाणिक प्रश्न-उत्तर मिलेंगे। यह उत्तर आश्वलायन गृह्यसूत्र, पारस्कर गृह्यसूत्र, मनुस्मृति पर आधारित है। अन्य प्रश्नों के लिए प्रश्नोत्तरी पृष्ठ देखें।