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भवसागर तारिणी प्रश्नोत्तरी — 1 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित भवसागर तारिणी विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 1 प्रश्न

दुर्गा शब्द की व्युत्पत्ति

देव्युपनिषद में 'दुर्गा' की क्या व्याख्या है?

देव्युपनिषद 28वाँ श्लोक: 'यस्याः परतरं नास्ति सैषा दुर्गा प्रकीर्तिता।' अर्थ: सम्पूर्ण अस्तित्व में जिनसे श्रेष्ठ या परे कोई सत्ता नहीं — वही 'दुर्गा' हैं। वे दुराचार (पाप) का विनाश करने वाली और संसार रूपी भवसागर से पार उतारने वाली हैं।

देव्युपनिषददुर्गा व्याख्याभवसागर तारिणी

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।