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मंत्र और ध्यान — प्रश्नोत्तरी

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 2 प्रश्न

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मंत्र जप

मंत्र जप के दौरान ध्यान कैसे करें?

मंत्रमहार्णव: ध्यानयुक्त जप से देवता प्राप्ति। पाँच विधियाँ: देवता-स्वरूप ध्यान (सर्वोत्तम), मंत्र-अर्थ चिंतन, नाद-ध्यान (ध्वनि सुनना), श्वास-नाम संयोग (सोऽहं), हृदय-केंद्रित ध्यान। कुलार्णव: हर श्वास में मंत्र। ध्यान जप के बाद नहीं — साथ-साथ।

जप ध्यानमंत्र और ध्यानएकाग्रता
मंत्र सिद्धि

मंत्र सिद्धि में ध्यान क्यों जरूरी है?

मंत्रमहार्णव: ध्यान-रहित जप = पाप (बिना अग्नि यज्ञ जैसा)। तंत्रालोक: मंत्र-सिद्धि का त्रिभुज = जप + ध्यान + भाव। ध्यान क्यों: देवता से मंत्र जोड़ता है, मन की ऊर्जा एकाग्र होती है, चित्त शुद्ध होता है। ध्यान-सहित 108 जप > ध्यानरहित 1008 जप।

सिद्धि में ध्यानधारणामंत्र और ध्यान

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।