ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण

विषपान प्रश्नोत्तरी — 6 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित विषपान विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 6 प्रश्न

लोक

सर्पदंश या विषपान से मृत्यु प्रेत योनि का कारण क्यों है?

सर्पदंश और विषपान अकाल मृत्यु हैं; अधूरी आयु और आसक्ति के कारण आत्मा प्रेत योनि में जा सकती है।

सर्पदंशविषपानअकाल मृत्यु
चन्द्रशेखर स्तुति परिचय

शिव के मस्तक पर चन्द्रमा क्यों है?

विषपान के बाद शीतलता प्राप्त करने के लिए शिव ने चन्द्रमा को मस्तक पर धारण किया — यह सिद्ध करता है कि शिव का चन्द्रमा (मन) और कालचक्र पर पूर्ण नियंत्रण है।

शिव चन्द्रमाविषपानशीतलता
नीलकंठ स्वरूप और कालकूट विषपान

विषपान के समय शिव ने किसका नाम लिया था?

रामचरितमानस के अनुसार विषपान के समय शिव ने अपने इष्ट श्रीराम का नाम लिया था, जिसके प्रभाव से भयंकर कालकूट विष उनके लिए अमृत समान हो गया।

श्रीराम नामविषपानरामचरितमानस
नीलकंठ स्वरूप और कालकूट विषपान

विषपान के समय पार्वती ने क्या किया?

विषपान के समय देवी पार्वती ने शिव का कंठ दबा दिया ताकि विष शरीर में न जाए — इससे विष कंठ में रुक गया और शिव नीलकंठ कहलाए।

पार्वतीविषपानकंठ
नीलकंठ स्वरूप और कालकूट विषपान

समुद्र मंथन में विष किसने पिया?

समुद्र मंथन में प्रकट हुआ कालकूट विष भगवान शिव ने सृष्टि की रक्षा के लिए बिना किसी भय के पान कर लिया।

समुद्र मंथनविषपानशिव
शिव महिमा

शिव ने हलाहल विष को गले में क्यों रोका, नीचे क्यों नहीं उतरने दिया?

शिव के भीतर समस्त सृष्टि समाहित है — विष उदर में जाता तो सृष्टि नष्ट हो जाती। माता पार्वती ने गला दबाकर विष को कंठ में ही रोक दिया। इससे शिव जी का कंठ नीला पड़ गया और वे 'नीलकंठ' कहलाए।

हलाहलशिव गलानीलकंठ

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।