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शास्त्र नियम प्रश्नोत्तरी — 5 प्रश्न

शास्त्रों और पुराणों पर आधारित शास्त्र नियम विषय के प्रामाणिक प्रश्न-उत्तर — कुल 5 प्रश्न

पूजा घर वास्तु

पूजा घर में टूटी हुई मूर्ति रखना अशुभ है, क्या सच?

हाँ, वास्तु और शास्त्रों के अनुसार खंडित मूर्ति रखना अशुभ है — यह नकारात्मक ऊर्जा लाती है। अपवाद: शिवलिंग कभी खंडित नहीं माना जाता। टूटी मूर्ति को सम्मानपूर्वक विसर्जित कर नई स्थापित करें।

खंडित मूर्तिटूटी मूर्तिवास्तु दोष
जप नियम

बिना आसन के मंत्र जप का फल

बिना आसन के नंगी जमीन पर बैठकर जप करने से पृथ्वी सारी आध्यात्मिक ऊर्जा सोख लेती है, जिससे जप निष्फल हो जाता है। ऊर्जा संरक्षण के लिए कुशा या ऊनी आसन अनिवार्य है।

आसनऊर्जा नाशनिष्फल जप
रुद्राभिषेक का सही समय

रुद्राभिषेक कितने बजे तक समाप्त करना चाहिए?

सामान्यतः अभिषेक दोपहर 12 बजे तक समाप्त करना चाहिए, लेकिन रुद्राभिषेक के लिए यह नियम लचीला है — इसे प्रदोष काल (सूर्यास्त से डेढ़ घंटा पहले से बाद तक) तक किया जा सकता है।

रुद्राभिषेक समयदोपहर 12 बजेप्रदोष काल
तिथि निर्णय

सप्तमी या नवमी विद्धा अष्टमी में से व्रत के लिए कौन सी सही है?

शास्त्रों के अनुसार 'सप्तमी' से मिली हुई अष्टमी पर व्रत करना मना है। दुर्गा पूजा के लिए हमेशा 'नवमी' से मिली हुई अष्टमी (परविद्धा) ही सर्वश्रेष्ठ और सिद्धि देने वाली मानी जाती है।

पूर्वविद्धापरविद्धाशास्त्र नियम
पूजा घर वास्तु

पूजा घर में टूटी हुई मूर्ति रखना अशुभ है, क्या सच?

हाँ, वास्तु और शास्त्रों के अनुसार खंडित मूर्ति रखना अशुभ है — यह नकारात्मक ऊर्जा लाती है। अपवाद: शिवलिंग कभी खंडित नहीं माना जाता। टूटी मूर्ति को सम्मानपूर्वक विसर्जित कर नई स्थापित करें।

खंडित मूर्तिटूटी मूर्तिवास्तु दोष

विषय-वार प्रश्नोत्तर

🙏पूजा विधि📿मंत्र जाप विधि🔱शिव पूजा🔮तंत्र साधना🏠वास्तु शास्त्र💭सपनों का मतलब🪐ज्योतिष उपाय🙏व्रत उपवास🔥देवी पूजा🧘ध्यान साधना🛕तीर्थ यात्रा🔥हवन यज्ञ📜स्तोत्र पाठ🐘गणेश पूजा🙏विष्णु भक्ति📖सनातन दर्शन🕯️श्राद्ध पितृ कर्म🎗️संस्कार विधि❤️भक्ति साधनाधार्मिक उपाय

सनातन धर्म प्रश्नोत्तरी — शास्त्रीय ज्ञान

पौराणिक प्रश्नोत्तरी पर आपको हिंदू धर्म, वेद, पुराण, भगवद गीता, रामायण, महाभारत, पूजा विधि, व्रत-त्योहार, मंत्र, देवी-देवताओं और सनातन संस्कृति से जुड़े सैकड़ों प्रश्नों के प्रामाणिक उत्तर मिलेंगे। प्रत्येक उत्तर शास्त्रों और प्राचीन ग्रंथों पर आधारित है। किसी भी प्रश्न पर क्लिक करें और विस्तृत, प्रमाणित उत्तर पढ़ें।