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दुर्गा = दुर्ग से पार कराने वाली। दुर्गा सप्तशती में देवताओं को विजय दुर्गा नाम-स्तुति से मिली। उनके नाम जप से बाहरी शत्रु और भीतरी शत्रु (काम-क्रोध-ल...
नाम महिमा एवं भक्तिदुर्गा दर्शन = अत्यंत शुभ। सभी कष्ट दूर, शक्ति प्राप्ति, आत्मविश्वास वृद्धि, शत्रु नाश। बीमारी से मुक्ति। लाल चुनरी+नारियल चढ़ाएँ, दुर्गा सप्तशती पाठ।
स्वप्न शास्त्रदुर्गा स्वप्न: (1) माँ आशीर्वाद (2) शत्रु/बाधा विनाश (3) शक्ति/साहस प्राप्ति (4) रक्षा कवच (5) नवरात्रि व्रत संकेत। सिंहवाहिनी=विजय, शस्त्रधारी=रक्षा,...
स्वप्न दर्शनदुर्गा के 108 नाम — प्रमुख: दुर्गा, शिवा, चंडिका, भगवती, महालक्ष्मी, महागौरी, महाकाली, नारायणी, महामाया, जगदंबिका, चामुंडा, महिषमर्दिनी, त्रिनेत्रा, स...
देवी नामदुर्गा जी के 108 नाम 'दुर्गाष्टोत्तरशतनामस्तोत्रम्' में संकलित हैं। प्रमुख नाम हैं — दुर्गा, चंडिका, काली, महालक्ष्मी, महागौरी, अंबिका, भवानी, कात्याय...
देवी ज्ञानअपराजिता पूजा: विजयदशमी अपराह्न में। अपराजिता = अपराजित देवी (दुर्गा रूप)। ईशान कोण में अष्टदल कमल → अपराजिता पुष्प (नीले) + शमी पत्र → 'ॐ अपराजितायै ...
पर्वनवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे' (9 अक्षर = 9 लाख पुरश्चरण) — सर्वश्रेष्ठ। नवरात्रि, मंगलवार, अष्टमी-नवमी। लाल वस्त्र, रुद्राक्ष माला...
मंत्र सिद्धिदुर्गा का मूल बीज है 'दुं'। सर्वप्रमुख नवार्ण मंत्र है 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' — 9 अक्षर, तीन शक्तियों (महाकाली-महालक्ष्मी-महासरस्वती) का ...
मंत्र ज्ञानदुर्गा का मूल बीज मंत्र 'दुं' है। सप्तशती का सर्वोच्च मंत्र नवार्ण मंत्र है — 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे'। इसमें ऐं (महासरस्वती), ह्रीं (महालक...
मंत्र ज्ञानदुर्गा जप: लाल आसन, रुद्राक्ष या कमलगट्टा माला, पूर्व/उत्तर मुख। नवार्ण मंत्र 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' — नित्य 108 बार। नवरात्रि में 1008 ब...
जप विधिदुर्गा पूजा के लाभ (सप्तशती फलश्रुति): पाप नाश, रोग नाश, शत्रु विनाश, भय नाश, धन-समृद्धि और मोक्ष। 'या श्रद्धया मम महात्म्यं शृणुयाद्...' — श्रद्धापूर...
देवी महात्म्यदुर्गा का वाहन सिंह है। सप्तशती में हिमालय ने देवी को सिंह दिया। सिंह शक्ति, पराक्रम और धर्म की विजय का प्रतीक है। नवदुर्गा में कालरात्रि का वाहन गर्द...
देवी ज्ञान