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श्रीमद्भगवद्गीता · गुणत्रय विभाग योग

श्लोक 18

गुणत्रय विभाग योग · Gunatraya Vibhaga Yoga

मूल पाठ

ऊर्ध्वं गच्छन्ति सत्त्वस्था मध्ये तिष्ठन्ति राजसाः | जघन्यगुणवृत्तिस्था अधो गच्छन्ति तामसाः

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

सत्त्वगुणमें स्थित मनुष्य ऊर्ध्वलोकोंमें जाते हैं, रजोगुणमें स्थित मनुष्य मृत्युलोकमें जन्म लेते हैं और निन्दनीय तमोगुणकी वृत्तिमें स्थित मनुष्य अधोगतिमें जाते हैं।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

सत्त्वगुणमें स्थित मनुष्य ऊर्ध्वलोकोंमें जाते हैं, रजोगुणमें स्थित मनुष्य मृत्युलोकमें जन्म लेते हैं और निन्दनीय तमोगुणकी वृत्तिमें स्थित मनुष्य अधोगतिमें जाते हैं।

English Meaning

Those who are seated in Sattva go upwards; the Rajasic dwell in the middle; and the Tamasic, abiding in the function of the lowest Guna, go downwards.

Those who are seated in Sattva go upwards; the Rajasic dwell in the middle; and the Tamasic, abiding in the function of the lowest Guna, go downwards.

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