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श्रीमद्भगवद्गीता · कर्म योग

श्लोक 38

कर्म योग · Karma Yoga

मूल पाठ

धूमेनाव्रियते वह्निर्यथाऽऽदर्शो मलेन च | यथोल्बेनावृतो गर्भस्तथा तेनेदमावृतम्

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

जैसे धुएँसे अग्नि और मैलसे दर्पण ढक जाता है तथा जैसे जेरसे गर्भ ढका रहता है, ऐसे ही उस कामके द्वारा यह ज्ञान ( विवेक) ढका हुआ है।

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विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

जैसे धुएँसे अग्नि और मैलसे दर्पण ढक जाता है तथा जैसे जेरसे गर्भ ढका रहता है, ऐसे ही उस कामके द्वारा यह ज्ञान ( विवेक) ढका हुआ है।

English Meaning

As fire is enveloped by smoke, as a mirror by dust, and as an embryo by the amnion, so is this enveloped by that.

As fire is enveloped by smoke, as a mirror by dust, and as an embryo by the amnion, so is this enveloped by that.

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