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श्रीमद्भगवद्गीता · आत्म संयम योग

श्लोक 15

आत्म संयम योग · Atma Samyama Yoga

मूल पाठ

युञ्जन्नेवं सदाऽऽत्मानं योगी नियतमानसः | शान्तिं निर्वाणपरमां मत्संस्थामधिगच्छति

हिन्दी अर्थ

सरल भावार्थ

नियत मनवाला योगी मनको इस तरहसे सदा परमात्मामें लगाता हुआ मेरेमें सम्यक् स्थितिवाली जो निर्वाणपरमा शान्ति है, उसको प्राप्त हो जाता है।

व्
विस्तृत व्याख्या

गहन भावार्थ और सन्दर्भ

नियत मनवाला योगी मनको इस तरहसे सदा परमात्मामें लगाता हुआ मेरेमें सम्यक् स्थितिवाली जो निर्वाणपरमा शान्ति है, उसको प्राप्त हो जाता है।

English Meaning

Thus always keeping the mind balanced, the Yogi, with the mind controlled, attains to the peace abiding in Me, which culminates in liberation.

Thus always keeping the mind balanced, the Yogi, with the mind controlled, attains to the peace abiding in Me, which culminates in liberation.

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