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23 मार्च 2026

23 मार्च 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

23 मार्च 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
शुक्ल पंचमी
नक्षत्र
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वसन्त
सूर्योदय
06:22
सूर्यास्त
18:34

आज के पर्व

लक्ष्मी

23 मार्च 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

लक्ष्मी जी का 'ह्रीं' बीज मंत्र सिद्ध करने की विधि

'ह्रीं' माया और ऐश्वर्य का बीज है। इसे सिद्ध करने के लिए शुक्रवार की रात को उत्तर मुख होकर कमल गट्टे की माला से 'ॐ ह्रीं महालक्ष्म्यै नमः' का जप करना चाहिए।

लक्ष्मी पूजा में कौड़ी का क्या महत्व है और कैसे रखें?

प्राचीन मुद्रा + लक्ष्मी प्रतीक (समुद्र मंथन)। तिजोरी/गल्ले में 11/21 कौड़ी लाल कपड़े में। दीपावली अनिवार्य। बटुए में 1। गंगाजल शुद्धि + 'ॐ श्रीं नमः' 11 बार।

श्री सूक्त का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?

ऋग्वेद — 15+1 ऋचाएं। प्रतिदिन/शुक्रवार/दीपावली। सफेद/गुलाबी वस्त्र, लाल आसन। लक्ष्मी+श्रीयंत्र समक्ष, घी दीपक, कमल। 16 ऋचा (माहात्म्य सहित)। विष्णु पूजा भी। फलश्रुति: 7 जन्म निर्धनता नहीं।

कमला देवी की उपासना लक्ष्मी पूजा से कैसे भिन्न है?

कमला = दसवीं महाविद्या = 'तांत्रिक लक्ष्मी'। भिन्नता: लक्ष्मी = वैष्णव, विष्णु पत्नी, सात्विक। कमला = शाक्त/तांत्रिक, स्वतंत्र शक्ति, सिद्धि+मोक्ष। स्वरूप समान (कमल, गज)। लक्ष्मी = दीक्षा अनिवार्य नहीं। कमला = गुरु दीक्षा श्रेष्ठ। सामान्य: लक्ष्मी पूजा उत्तम।

लक्ष्मी पूजा में श्रीयंत्र की स्थापना कैसे करें?

दीपावली/शुक्रवार। ईशान कोण, ताम्र/रजत/भोजपत्र। पंचामृत शुद्धि → श्री सूक्त + 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं' 108। लाल कपड़ा, कमल, कुमकुम। प्रतिदिन दीपक + जप। धन समृद्धि, ऋण मुक्ति।

रुद्राभिषेक में गन्ने के रस से अभिषेक का क्या फल मिलता है?

शिव पुराण: 'श्रिया इक्षुरसेन वै' — गन्ने के रस से 'श्री' (लक्ष्मी) प्राप्ति। फल: आर्थिक समृद्धि, कर्ज मुक्ति, जीवन में मधुरता, गुरु ग्रह बल। ताजा शुद्ध रस प्रयोग करें। अभिषेक के बाद शुद्ध जल से धोएं।

शुक्रवार को कौन से काम शुभ?

शुक्रवार=शुक्र(लक्ष्मी/सौंदर्य)। खरीदारी, वाहन, कपड़े, आभूषण, कला, गृहप्रवेश। संतोषी/लक्ष्मी पूजा। खट्टा वर्जित(व्रत)।

शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाने का क्या महत्व होता है?

शिवलिंग पर नारियल पानी चढ़ाना वर्जित है। कारण: नारियल 'श्रीफल' = लक्ष्मी का स्वरूप (विष्णु-संबंधित)। शिवलिंग का चढ़ावा ग्रहण नहीं होता — नारियल पानी व्यर्थ होगा। साबुत नारियल शिव के समक्ष रख सकते हैं, पर नारियल पानी से अभिषेक कभी न करें। शिवलिंग पर चढ़ा नारियल प्रसाद में न लें।

लक्ष्मी जी की पूजा में गणेश जी को पहले क्यों पूजते हैं?

गणेश = प्रथम पूज्य (ब्रह्मा वरदान — बिना गणेश = विघ्न)। रिद्धि-सिद्धि पति + लक्ष्मी = सम्पूर्ण समृद्धि। बुद्धि पहले → धन बाद। दीपावली: गणेश→लक्ष्मी→सरस्वती→कुबेर।

चैत्र नवरात्रि और शारदीय नवरात्रि में पूजा का क्या अंतर है?

चैत्र: वसंत, नववर्ष, सौम्य देवी, राम नवमी। शारदीय: शरद, उग्र देवी, दशहरा/रावण दहन, बंगाल दुर्गा पूजा। पूजा विधि समान — घटस्थापना, 9 दिन, सप्तशती।

महालक्ष्मी अष्टकम पढ़ने से क्या फल?

महालक्ष्मी अष्टकम=इन्द्र रचित(8 श्लोक)। धन, ऋण मुक्ति, व्यापार, गृहशांति। शुक्रवार+दीपावली। 'ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः'। दीपावली पूजा=सर्वोत्तम।

लक्ष्मी जी की कृपा प्राप्त होने के क्या संकेत होते हैं?

अचानक धन लाभ, घर सुगंध, कमल दिखना, स्वप्न में लक्ष्मी/स्वर्ण, व्यापार वृद्धि, ऋण मुक्ति, शांति। अनुभव आधारित — शास्त्रीय सूची नहीं।

चंद्र देव की पूजा कैसे करें?

सोमवार शाम/रात, चंद्र दर्शन, सफ़ेद फूल+दूध। 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे' 108। चावल/दूध/चांदी दान। पूर्णिमा सर्वोत्तम। मोती(ज्योतिषी)। शांति/नींद/माता सुख।

लक्ष्मी जी की पूजा में स्वच्छता का क्या विशेष महत्व है?

'जहां सफाई वहां लक्ष्मी, जहां गंदगी वहां अलक्ष्मी।' दीपावली: सफाई→रंग→सजावट→पूजा। गंगाजल शुद्धि। शरीर+मन दोनों। टूटी वस्तुएं/कचरा = अलक्ष्मी — हटाएं।

लक्ष्मी जी की स्तुति में कौन सा स्तोत्र सबसे प्रभावी है?

1. श्री सूक्त (ऋग्वेद — सर्वश्रेष्ठ)। 2. कनकधारा (शंकराचार्य — धन)। 3. ललिता सहस्रनाम। 4. अष्ट लक्ष्मी स्तोत्र। 5. लक्ष्मी चालीसा (सरल)। 6. महालक्ष्मी अष्टकम्।

लक्ष्मी माँ का गुप्त मंत्र

स्थिर धन और अपार ऐश्वर्य के लिए माता लक्ष्मी के गुप्त एकाक्षरी बीज मंत्र 'श्रीं' या महामंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले...' का शुक्रवार को कमल गट्टे की माला से जप करना चाहिए।

दुकान की बिक्री बढ़ाने का मंत्र

व्यापार वृद्धि के लिए दुकान खोलते समय माता लक्ष्मी के मंत्र 'ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं...' का जप करें। यह ग्राहकों को आकर्षित कर व्यापार के सभी बंधन खोल देता है।

अविवाहित लड़की सोमवार व्रत रख सकती क्या?

हाँ — विशेष शुभ। 16 सोमवार=अच्छा वर। पार्वती ने शिव हेतु व्रत किया। श्रावण सोमवार विशेष। शिवलिंग स्पर्श=परंपरा भिन्न (शास्त्रीय निषेध नहीं)। शिव=अर्धनारीश्वर।

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पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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