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2 मई 2026

2 मई 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

2 मई 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
विशाखा
योग
व्यतीपात
करण
बालव
वार
शनिवार
हिन्दू मास
ज्येष्ठ
ऋतु
ग्रीष्म
सूर्योदय
05:40
सूर्यास्त
18:57

आज के पर्व

नारदIshti

2 मई 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

इन्द्र की सुधर्मा सभा में कौन से ऋषि आते हैं?

सुधर्मा सभा में महर्षि पराशर, दुर्वासा, याज्ञवल्क्य, व्यासदेव, हरिश्चन्द्र, विश्वकर्मा, तुम्बुरु, बृहस्पति, शुक्राचार्य और भृगु-सप्तर्षि आते हैं।

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

मंदिर में स्नान यात्रा क्या होती है?

ज्येष्ठ पूर्णिमा (पुरी) — 108 कलश अभिषेक (सार्वजनिक)। बाद: 15 दिन एकांत ('बीमार') → नव यौवन → रथ यात्रा! जगन्नाथ विशेष।

नारद जी ने इन्द्रसेन को क्या बताया?

उनके पिता को इन्दिरा एकादशी व्रत चाहिए।

इन्दिरा एकादशी की कथा क्या है?

इन्द्रसेन और उनके पिता की मोक्ष कथा।

नारद युधिष्ठिर संवाद में श्राद्ध क्या है?

गृहस्थ का पितृ यजन धर्म।

भागवत पुराण में श्राद्ध का क्या महत्व है?

गृहस्थ धर्म में पितृ यजन अनिवार्य है।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के लिए प्रतिपदा श्राद्ध विशेष माना गया है।

पड़वा श्राद्ध क्या होता है?

पड़वा श्राद्ध प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध है।

प्रतिपदा मातृकुल के लिए खास क्यों है?

प्रतिपदा नाना-नानी के श्राद्ध के लिए विशेष मानी गई है।

मातामह श्राद्ध क्या है?

नाना-नानी के लिए किया जाने वाला श्राद्ध मातामह श्राद्ध है।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के श्राद्ध के लिए प्रतिपदा तिथि विशेष मानी गई है।

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो तो श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो या किसी अन्य तिथि पर हुई हो — फिर भी श्राद्ध पितृ पक्ष की 'प्रतिपदा तिथि' को ही करें। यह प्रतिपदा का विशेष विशेषाधिकार है जो केवल मातृकुल को दिया गया है।

पाताल लोक की दैत्य और दानव कन्याएँ कैसी हैं?

पाताल की दैत्य और दानव कन्याएँ अत्यंत रूपवती और सम्मोहक बताई गई हैं, जो तपस्वियों का मन भी मोहित कर सकती हैं।

विष्णु पुराण में महातल कैसे बताया गया है?

विष्णु पुराण में महातल पांचवां पाताल है और पाताल लोकों को स्वर्ग से भी सुंदर बताया गया है।

नारद जी ने पाताल लोकों के बारे में क्या कहा?

नारद जी ने कहा कि पाताल लोक स्वर्ग से भी अधिक मनोहर, आकर्षक और सुखदायक हैं।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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