विस्तृत उत्तर
नारद जी ने बताया कि इन्द्रसेन के पिता यमलोक में कष्ट भोग रहे हैं और पुत्र के इन्दिरा एकादशी व्रत से मुक्त होंगे।
नारद जी ने इन्द्रसेन को क्या बताया को संदर्भ सहित समझें
नारद जी ने इन्द्रसेन को क्या बताया का सबसे सीधा सार यह है: उनके पिता को इन्दिरा एकादशी व्रत चाहिए।
लोक जैसे विषयों में यह देखना जरूरी होता है कि बात किस परिस्थिति में लागू होती है, किन नियमों के साथ मान्य होती है और व्यवहार में इसका सही अर्थ क्या निकलता है.
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इसी विषय के 5 प्रश्न
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इन्दिरा एकादशी की कथा क्या है?
इन्द्रसेन और उनके पिता की मोक्ष कथा।
इन्द्र की सुधर्मा सभा में कौन से ऋषि आते हैं?
सुधर्मा सभा में महर्षि पराशर, दुर्वासा, याज्ञवल्क्य, व्यासदेव, हरिश्चन्द्र, विश्वकर्मा, तुम्बुरु, बृहस्पति, शुक्राचार्य और भृगु-सप्तर्षि आते हैं।
नारद जी ने जालंधर को क्या कहा था?
नारद ने जालंधर से कहा कि उसके वैभव में पार्वती के बिना कमी है।
नारद जी ने वृकासुर को शिव जी की पूजा करने को क्यों कहा?
नारद जी ने कहा कि शिव जी आशुतोष हैं और थोड़ी तपस्या से भी शीघ्र प्रसन्न होकर वरदान देते हैं।
भस्मासुर ने नारद जी से क्या पूछा?
भस्मासुर ने नारद जी से पूछा कि ब्रह्मा, विष्णु और शिव में कौन जल्दी प्रसन्न होकर वरदान देता है।
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