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29 अगस्त 2026

29 अगस्त 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

29 अगस्त 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण प्रतिपदा
नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद
योग
सुकर्मा
करण
कौलव
वार
शनिवार
हिन्दू मास
भाद्रपद
ऋतु
वर्षा
सूर्योदय
05:58
सूर्यास्त
18:46

29 अगस्त 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

शनिवार को हनुमान जी को तेल-सिंदूर चढ़ाने का विधान?

कथा: हनुमान जी ने राम की आयु बढ़ाने पूरे शरीर पर सिंदूर लगाया। विधि: नारंगी सिंदूर+चमेली तेल, दाहिने कंधे का तिलक। मंगल/शनिवार। शनि ने वचन दिया — हनुमान भक्तों को कष्ट नहीं।

शनि शांति के लिए शनिवार उपाय?

पीपल तेल दीपक+परिक्रमा, 'ॐ शं शनैश्चराय' 108, तिल/तेल/लोहा/कंबल दान, छाया दान, कौवा रोटी, गरीब सेवा, शनि चालीसा। ईमानदारी+मेहनत+सेवा=सबसे बड़ा उपाय।

शनिवार को लोहे की चीजें खरीदना शुभ है या अशुभ?

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ है — लोहा शनिदेव का कारक है। शनिवार को लोहे का दान करना शुभ है। बाध्यता में खरीदें तो तुरंत घर अंदर न लाएँ। इस विषय पर मत भिन्नता है।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के लिए प्रतिपदा श्राद्ध विशेष माना गया है।

पड़वा श्राद्ध क्या होता है?

पड़वा श्राद्ध प्रतिपदा तिथि का श्राद्ध है।

प्रतिपदा मातृकुल के लिए खास क्यों है?

प्रतिपदा नाना-नानी के श्राद्ध के लिए विशेष मानी गई है।

मातामह श्राद्ध क्या है?

नाना-नानी के लिए किया जाने वाला श्राद्ध मातामह श्राद्ध है।

नाना-नानी का श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी के श्राद्ध के लिए प्रतिपदा तिथि विशेष मानी गई है।

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो तो श्राद्ध कब करें?

नाना-नानी की मृत्यु तिथि याद न हो या किसी अन्य तिथि पर हुई हो — फिर भी श्राद्ध पितृ पक्ष की 'प्रतिपदा तिथि' को ही करें। यह प्रतिपदा का विशेष विशेषाधिकार है जो केवल मातृकुल को दिया गया है।

नवरात्रि के पहले दिन किस देवी की पूजा होती है?

नवरात्रि का पहला दिन (प्रतिपदा) = माँ शैलपुत्री को समर्पित। माता शैलपुत्री = हिमालय की पुत्री। वे मानव की आंतरिक शक्ति, दृढ़ता और प्रकृति की आदि-ऊर्जा की साक्षात् प्रतीक हैं।

2026 में चैत्र नवरात्रि कलश स्थापना का मुहूर्त क्या है?

2026 चैत्र नवरात्रि: 19 मार्च (गुरुवार)। सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा)। अभिजित मुहूर्त: 12:05 से 12:53। राहुकाल: 14:48 से 16:18 (वर्जित)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

कलश स्थापना सुबह किस समय करनी चाहिए?

कलश स्थापना का सर्वश्रेष्ठ समय = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। 2026 में 19 मार्च: प्रातः 06:52 से 07:43 (मीन लग्न + शुद्ध प्रतिपदा का संयोग)। 06:52 से पहले अमावस्या प्रभाव — उससे पहले न करें।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त कैसे निकालें?

मुहूर्त के नियम (निर्णयसिन्धु): प्रतिपदा तिथि की व्याप्ति अनिवार्य। सर्वश्रेष्ठ = प्रतिपदा का प्रथम एक-तिहाई भाग (प्रातःकाल)। विकल्प = अभिजित मुहूर्त (मध्याह्न)। शुभ लग्न = द्विस्वभाव (मीन, मिथुन, कन्या, धनु)।

हरतालिका तीज व्रत क्या है?

हरतालिका तीज = भाद्रपद शुक्ल तृतीया, निर्जला व्रत। कथा: हिमालय ने विष्णु से विवाह तय किया → पार्वती दुखी → सखी ने हरण कर जंगल ले गई → पार्वती ने बालू का शिवलिंग बनाकर रात भर जागरण किया → शिव प्रकट हुए और पत्नी स्वीकार किया।

तांत्रिक पूजा के लिए कौन सा दिन उत्तम है?

तांत्रिक पूजा के लिए शनिवार और रविवार सबसे उत्तम दिन हैं — निशिता काल (मध्यरात्रि) में पूजा करना सर्वश्रेष्ठ माना गया है।

शनिवार को लोहे की वस्तु खरीदना शुभ है या अशुभ?

शनिवार को लोहा खरीदना अशुभ माना जाता है क्योंकि लोहा शनिदेव की धातु है और इससे उनकी नाराजगी का भय रहता है। लोहा दान करना शुभ है — खरीदना वर्जित।

शनिवार को क्या चीजें नहीं खरीदनी चाहिए

लोक मान्यता: शनिवार को लोहा/स्टील, काले कपड़े, तेल, नमक, चाकू, झाड़ू न खरीदें। दान करें: सरसों तेल, काले कपड़े। पूर्णतः ज्योतिषीय/लोक परंपरा — वैदिक ग्रंथों में स्पष्ट उल्लेख नहीं।

शनिवार को काला पहनना शुभ है या अशुभ

ज्योतिष: शनिवार काला/नीला = शुभ (शनि प्रसन्नता, दोष शमन)। कुछ लोक मान्यता: काला = अशुभ। प्रचलित मत: शनिवार काला शुभ। शनि उपाय: सरसों तेल/उड़द दान, हनुमान पूजा।

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