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1 अक्टूबर 2026

1 अक्टूबर 2026 — आज की तिथि, पर्व और प्रश्नोत्तर

1 अक्टूबर 2026 का पंचांग, मुख्य पर्व और शास्त्रीय प्रश्नोत्तर — एक स्थान पर।

पंचांग

तिथि
कृष्ण पंचमी
नक्षत्र
रोहिणी
योग
सिद्धि
करण
तैतिल
वार
गुरुवार
हिन्दू मास
आश्विन
ऋतु
शरद
सूर्योदय
06:14
सूर्यास्त
18:07

1 अक्टूबर 2026 के लिए प्रश्नोत्तर

गुरु ग्रह मजबूत करने के गुरुवार उपाय?

विष्णु-लक्ष्मी पूजा, केला वृक्ष पूजा, 'ॐ ग्रां ग्रीं ग्रौं सः गुरवे नमः' 108, हल्दी/चना/पीला/पुस्तक दान, गुरुवार व्रत, पुखराज(ज्योतिषी), पीले वस्त्र। ज्ञान बांटें+दान=गुरु प्रसन्न।

हल्दी तिलक कब लगाना शुभ है

हल्दी तिलक गुरुवार को, मांगलिक कार्यों के आरंभ में, गणेश-लक्ष्मी पूजन में और विवाह-संस्कार में विशेष रूप से शुभ है। यह बृहस्पति ग्रह को बल देता है और मंगलाचरण का प्रतीक है।

गुरुवार को कौन से काम शुभ?

गुरुवार=बृहस्पति(ज्ञान/धन)। सबसे शुभ — विवाह, गृहप्रवेश, शिक्षा, पूजा, सोना खरीद, दान। सत्यनारायण कथा। कोई वर्जना नहीं।

गुरुवार को केले का दान क्यों करते हैं?

गुरुवार = बृहस्पति (गुरु) दिन। केला = पीला (गुरु का रंग) + विष्णु/बृहस्पति प्रतीक। विधि: पीले केले + 'ॐ बृहस्पतये नमः' + दान। लाभ: ज्ञान, सम्मान, संतान सुख, विवाह बाधा दूर।

पंचमी और चतुर्दशी श्राद्ध में क्या अंतर है?

पंचमी अविवाहित मृत्यु के लिए, चतुर्दशी अकाल मृत्यु के लिए है।

उपनयन के बाद बाल मृत्यु का श्राद्ध कब करें?

उपनयन के बाद बाल मृत्यु का श्राद्ध पंचमी को करें।

अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध कब करें?

अज्ञात तिथि वाले अविवाहित का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित बहन का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित बहन का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित भाई का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित भाई का श्राद्ध पंचमी को करें।

कुँवारी लड़की का श्राद्ध कब करें?

कुँवारी लड़की का श्राद्ध पंचमी को किया जाता है।

कुँवारे लड़के का श्राद्ध कब करें?

कुँवारे लड़के का श्राद्ध पंचमी को करें।

अविवाहित का श्राद्ध कब करें?

अविवाहित दिवंगत का श्राद्ध पंचमी को करें।

बच्चे की मृत्यु पर श्राद्ध कब करें?

अविवाहित या बाल्यावस्था में मृत बच्चों का श्राद्ध शास्त्रों के अनुसार पंचमी (भरणी पंचमी) या त्रयोदशी तिथि को किया जाता है। दोनों तिथियाँ शास्त्रों में निर्धारित हैं और कुलाचार के अनुसार इनमें से किसी एक का चयन किया जा सकता है। यह विशेष कोटि के मृतकों के लिए है।

पितृ पक्ष कब समाप्त होता है?

पितृ पक्ष आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (सर्वपितृ अमावस्या) पर समाप्त होता है। इसे महालया अमावस्या भी कहते हैं। यह उन पूर्वजों के श्राद्ध का दिन है जिनकी मृत्यु तिथि याद नहीं।

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना कब करें?

गृहस्थों के लिए असितांग भैरव साधना दिन में — गुरुवार को सूर्योदय के बाद करनी चाहिए।

असितांग भैरव साधना किस दिन शुरू करनी चाहिए?

असितांग भैरव साधना गुरुवार (ज्ञान/त्वरित लाभ), कालाष्टमी या षष्ठी/बुधवार से शुरू की जा सकती है।

गुरुवार को बाल धोना चाहिए या नहीं

लोक मान्यता: गुरुवार बाल धोना अशुभ (बृहस्पति कमजोर)। शास्त्रीय आधार नहीं — पूर्णतः लोक/ज्योतिष। स्वच्छता > परंपरा। आस्था अनुसार; आवश्यकता हो तो धो सकते हैं।

गुरुवार को पीला पहनने से क्या होता है

गुरुवार-पीला = बृहस्पति कृपा — ज्ञान, शिक्षा, धन, विवाह सुख, सम्मान। विष्णु पूजा, केला दान। बृहस्पति = गुरु/ज्ञान/धर्म। ज्योतिष परंपरा।

सभी पर्व
पर्व-पञ्चांग

होली, दिवाली, नवरात्रि, एकादशी, पूर्णिमा — सभी पर्व।

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