ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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दुर्गा आरती

Durga Aartiमाँ दुर्गा को समर्पित

दुर्गा आरती — बोल

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी।

तुमको निशदिन ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवरी॥

मांग सिंदूर विराजत, टीको मृगमद को।

उज्ज्वल से दोउ नैना, चंद्रवदन नीको॥

कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे।

रक्तपुष्प गल माला, कंठन पर साजे॥

जय अम्बे गौरी, मैया जय श्यामा गौरी॥

देवता
माँ दुर्गा
विशेष दिन
मंगलवार/शुक्रवार

✨ लाभ

शक्ति प्राप्ति, शत्रु नाश, रक्षा, भय से मुक्ति।

📿 कब गाएँ

नवरात्रि में प्रतिदिन, अन्य दिनों में संध्या काल में।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: दुर्गा आरती कब गाई जाती है?
उ: नवरात्रि में प्रतिदिन, अन्य दिनों में संध्या काल में।
प्र: दुर्गा आरती के क्या लाभ हैं?
उ: शक्ति प्राप्ति, शत्रु नाश, रक्षा, भय से मुक्ति।
प्र: दुर्गा आरती किस देवता की आरती है?
उ: दुर्गा आरती माँ दुर्गा को समर्पित आरती है।
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