Hanuman Aarti — हनुमान जी को समर्पित
आरती कीजे हनुमान लला की।
दुष्ट दलन रघुनाथ कला की॥
जाके बल से गिरवर कांपे।
रोग दोष जाके निकट न झांके॥
अंजनि पुत्र महा बलदाई।
संतन के प्रभु सदा सहाई॥
दे बीरा रघुनाथ पठाए।
लंका जलाय शिया सुध लाए॥
आरती कीजे हनुमान लला की॥
भय निवारण, शत्रु नाश, बल और साहस की प्राप्ति।
प्रतिदिन संध्या काल में, विशेषकर मंगलवार और शनिवार को।