Vishnu Aarti — भगवान विष्णु को समर्पित
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।
भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥
जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।
सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥
मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।
तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥
ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे॥
सुख-शांति, संकट निवारण, भक्ति का विकास।
प्रतिदिन संध्या काल में, विशेषकर गुरुवार और एकादशी को।