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विष्णु आरती

Vishnu Aartiभगवान विष्णु को समर्पित

विष्णु आरती — बोल

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे।

भक्त जनों के संकट, दास जनों के संकट, क्षण में दूर करे॥

जो ध्यावे फल पावे, दुख बिनसे मन का।

सुख सम्पत्ति घर आवे, कष्ट मिटे तन का॥

मात पिता तुम मेरे, शरण गहूँ मैं किसकी।

तुम बिन और न दूजा, आस करूँ मैं जिसकी॥

ॐ जय जगदीश हरे, स्वामी जय जगदीश हरे॥

देवता
भगवान विष्णु
विशेष दिन
गुरुवार

✨ लाभ

सुख-शांति, संकट निवारण, भक्ति का विकास।

📿 कब गाएँ

प्रतिदिन संध्या काल में, विशेषकर गुरुवार और एकादशी को।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: विष्णु आरती कब गाई जाती है?
उ: प्रतिदिन संध्या काल में, विशेषकर गुरुवार और एकादशी को।
प्र: विष्णु आरती के क्या लाभ हैं?
उ: सुख-शांति, संकट निवारण, भक्ति का विकास।
प्र: विष्णु आरती किस देवता की आरती है?
उ: विष्णु आरती भगवान विष्णु को समर्पित आरती है।
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