Saraswati Aarti — माँ सरस्वती को समर्पित
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता।
सदगुण वैभव शालिनी, त्रिभुवन विख्याता॥
चंद्रवदनी पद्मासनी, वीणा को धारी।
पुस्तक हस्त सुशोभित, ज्ञान का उजियारी॥
हंस वाहिनी दुःख निवारिनी, कामधेनु माता।
तुम बिन सूना-सूना एक भी नहीं राता॥
जय सरस्वती माता, मैया जय सरस्वती माता॥
विद्या प्राप्ति, वाणी का प्रभाव, कला में निपुणता।
वसंत पंचमी, परीक्षा से पहले, विद्यारंभ के समय।