ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
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गणेश आरती

Ganesh Aartiगणेश जी को समर्पित

गणेश आरती — बोल

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

एक दन्त दयावन्त चार भुजा धारी।

माथे पर तिलक सोहे मूसे की सवारी॥

पान चढ़े फूल चढ़े और चढ़े मेवा।

लड्डुअन का भोग लगे सन्त करें सेवा॥

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।

माता जाकी पार्वती पिता महादेवा॥

देवता
गणेश जी
विशेष दिन
बुधवार

✨ लाभ

विघ्न निवारण, बुद्धि प्राप्ति, शुभ कार्यों की सिद्धि।

📿 कब गाएँ

प्रतिदिन संध्या काल में या किसी भी पूजा के आरंभ में।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: गणेश आरती कब गाई जाती है?
उ: प्रतिदिन संध्या काल में या किसी भी पूजा के आरंभ में।
प्र: गणेश आरती के क्या लाभ हैं?
उ: विघ्न निवारण, बुद्धि प्राप्ति, शुभ कार्यों की सिद्धि।
प्र: गणेश आरती किस देवता की आरती है?
उ: गणेश आरती गणेश जी को समर्पित आरती है।
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