Krishna Aarti — श्री कृष्ण को समर्पित
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की।
गले में बैजन्तीमाला, बजावे मुरली मधुर बाला॥
श्रवण में कुण्डल झलकाला, नन्द के आनन्द नन्दलाला।
गगन सम अंग कान्ति काली, राधिका चमक रही आली॥
आरती कुंजबिहारी की, श्री गिरिधर कृष्ण मुरारी की॥
प्रेम भक्ति, आनंद, मन की शांति, संकट निवारण।
प्रतिदिन संध्या काल में, जन्माष्टमी और बुधवार को विशेष।