ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
🪔

शिव आरती

Shiv Aartiभगवान शिव को समर्पित

शिव आरती — बोल

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा।

ब्रह्मा विष्णु सदाशिव अर्द्धांगी धारा॥

एकानन चतुरानन पंचानन राजे।

हंसासन गरुड़ासन वृषवाहन साजे॥

दो भुज चार चतुर्भुज दसभुज अति सोहे।

तीनों रूप निरखता त्रिभुवन जन मोहे॥

ॐ जय शिव ओंकारा, स्वामी जय शिव ओंकारा॥

देवता
भगवान शिव
विशेष दिन
सोमवार

✨ लाभ

पापनाश, मोक्ष प्राप्ति, भक्ति का विकास, मन की शांति।

📿 कब गाएँ

प्रतिदिन संध्या काल में, विशेषकर सोमवार और शिवरात्रि को।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्र: शिव आरती कब गाई जाती है?
उ: प्रतिदिन संध्या काल में, विशेषकर सोमवार और शिवरात्रि को।
प्र: शिव आरती के क्या लाभ हैं?
उ: पापनाश, मोक्ष प्राप्ति, भक्ति का विकास, मन की शांति।
प्र: शिव आरती किस देवता की आरती है?
उ: शिव आरती भगवान शिव को समर्पित आरती है।
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