भगवान शिव नाम मंत्र
गंगाधर
विचारों में पवित्रता, ज्ञान रूपी गंगा का प्रवाह एवं मस्तिष्क की शीतलता।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
विचारों में पवित्रता, ज्ञान रूपी गंगा का प्रवाह एवं मस्तिष्क की शीतलता।
इस मंत्र से क्या होगा?
विचारों में पवित्रता, ज्ञान रूपी गंगा का प्रवाह एवं मस्तिष्क की शीतलता
जाप विधि
स्नान करते समय जल को सिर पर धारण करते हुए स्मरण।
विशेष टिप्पणियाँ
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पूतात्मा परमात्मा च मुक्तानां परमा गतिः । अव्ययः पुरुषः साक्षी क्षेत्रज्ञोऽक्षर एव च ॥ 12
ugra mantraॐ अक्षय श्री छिन्नमस्ता देवी जगत निवासनी अदृश्य सिद्धि शून्य गमन विजयै मम सिद्धि देहि देहि प्राण देहि देहि मम अमुक गौत्र अमुक शर्मा ह गुरूत्वाकर्षण शक्ति नाशय शून्य सिद्धि प्राप्तर्थं शक्ति स्याद विनियोग
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
navgrah mantraॐ नाकध्वजाय विद्महे पद्महस्ताय धीमहि तन्नो राहुः प्रचोदयात्।
jap mantraॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
shanti mantraॐ सर्वे भवन्तु सुखिनः । सर्वे सन्तु निरामयाः । सर्वे भद्राणि पश्यन्तु । मा कश्चिद्दुःखभाग्भवेत् ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥