भगवान (परशुराम अवतार) नाम मंत्र
परशुराम
असीम पराक्रम, क्षत्रिय-तेज, अन्याय का दमन एवं क्रोध पर नियंत्रण।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
असीम पराक्रम, क्षत्रिय-तेज, अन्याय का दमन एवं क्रोध पर नियंत्रण।
इस मंत्र से क्या होगा?
असीम पराक्रम, क्षत्रिय-तेज, अन्याय का दमन एवं क्रोध पर नियंत्रण
जाप विधि
अन्याय के विरुद्ध किसी भी संघर्ष से पूर्व मानसिक या वैखरी जप।
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ॐ ऐं ह्रीं श्रीं क्लीं हसौः जगत्प्रसूत्यै नमः
ugra mantraॐ खें खां खं फट् प्राण-ग्रहासि प्राण-ग्रहासि हुं फट् सर्वशत्रुसंहारणाय शरभशालुवाय पक्षिराजाय हुं फट् स्वाहा
kavach mantraक्रीं कालिकायै स्वाहा मम नाभिं सदावतु ॥ ह्रीं कालिकायै स्वाहा मम पृष्ठं सदावतु । रक्तबीजविनाशिन्यै स्वाहा हस्तौ सदावतु ॥ नीलुत्वल दलश्यामा शत्रु संघ विदारणी नरमुंड तथा खगम कमलम च वरम तथा निर्भयाम रक्त बदनाम दस्ताली घोर रूपणी शवासनताम काली मुंडमाला विभूषिताम सर्वाङ्गं पातु मे देवी सर्व संपत् करे शुभे सर्व देव स्तु ते देवी कालिके तवाम नमाम यहम 23
sabar mantraॐ नमो काली कंकाली पीती भर भर रक्त प्याली चाम की गठड़ी हाड़ की माला भजो आनंद सुंदरी बाला भरपूर वसन कर ले उठाई काम क्रोध कलिका माई लेके अपनी भेंट कड़ाई अमुक की छाती घात चलाई घाट में मरघट कालिका आई कालिका ने अमुक की कच्ची कलेजी खाई न खाई तो कीनाराम औघड़ की दुहाई 12
bhakti mantraराम राम
gyan mantraॐ श्री हयग्रीवाय नमः ॥