भगवान श्रीविष्णु / नारायण कवच स्तोत्र मंत्र
रक्षत्वसौ माध्वनि यज्ञकल्पः स्वदंष्ट्रयोन्नीतधरो वराहः। रामोऽद्रिकूटेष्वथ विप्रवासे सलक्ष्मणोsव्याद् भरताग्रजोsस्मान्।। 7
दैवीय सुरक्षा, जीवन में संकटों से मुक्ति, आत्मबल में वृद्धि और मोक्ष प्राप्ति 7।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
दैवीय सुरक्षा, जीवन में संकटों से मुक्ति, आत्मबल में वृद्धि और मोक्ष प्राप्ति 7।
इस मंत्र से क्या होगा?
दैवीय सुरक्षा, जीवन में संकटों से मुक्ति, आत्मबल में वृद्धि और मोक्ष प्राप्ति
जाप विधि
'ॐ अस्त्राय फट्' मंत्र से दिग्बंध करने के पश्चात् न्यास सहित पूर्ण श्रद्धा से पाठ करें 6।
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ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभ्यो नमः
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shanti mantraॐ स्वस्ति प्रजाभ्यः परिपालयन्तां न्यायेन मार्गेण महीं महीशाः । गोब्राह्मणेभ्यः शुभमस्तु नित्यं लोकाः समस्ताः सुखिनो भवन्तु ॥ ॐ शान्तिः शान्तिः शान्तिः ॥
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kaamya mantraॐ ऐं ह्रीं श्रीं श्रीं नमो भगवति मम समृद्धौ ज्वल ज्वल मां सर्व सम्पदं देहि देहि मम अलक्ष्मीं नाशय नाशय फट् स्वाहा।