भगवान विष्णु / गजेन्द्र मोक्ष स्तोत्र स्तोत्र मंत्र
स वै न देवासुरमर्त्यतिर्यंग न स्त्री न षण्डो न पुमान न जन्तुः । नायं गुणः कर्म न सन्न चासन निषेधशेषो जयतादशेषः ॥ 4
कलियुग के समस्त पापों का नाश, दुःस्वप्न निवारण, जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति और श्रेय की प्राप्ति 4।
जप, संकल्प और उपासना संकेत
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यह मंत्र क्यों?
कलियुग के समस्त पापों का नाश, दुःस्वप्न निवारण, जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति और श्रेय की प्राप्ति 4।
इस मंत्र से क्या होगा?
कलियुग के समस्त पापों का नाश, दुःस्वप्न निवारण, जीवन-मरण के चक्र से मुक्ति और श्रेय की प्राप्ति
जाप विधि
हृदय में बुद्धि और ध्यान को एकाग्र करके इस स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करें 4।
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ॐ नमो नारसिंहाय
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navgrah mantraॐ ह्रां क्रीं टं ग्रहनाथाय बुधाय स्वाहा॥
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