अंतिम संस्कारमरणासन्न व्यक्ति के कान में क्या बोलना चाहिए?'राम राम', 'ॐ नमो नारायणाय', 'ॐ नमः शिवाय', इष्ट देव नाम। दाहिने कान में, शांत-प्रेमपूर्ण स्वर, बार-बार। गीता (8.5): अंतिम स्मरण = अगला जन्म। शांतिपूर्ण वातावरण दें।#मरणासन्न#कान में मंत्र#राम नाम
श्रीमद्भागवतपांडवों ने युद्ध के बाद अंतिम संस्कार कैसे किया?अश्वत्थामा को दंड देने के बाद पांडवों ने कृष्णा द्रौपदी के साथ मृत भाई-बंधुओं की दाह आदि अंतिम क्रियाएँ कीं।#पांडव#अंतिम संस्कार#द्रौपदी पुत्र
जीवन एवं मृत्युबभ्रुवाहन को प्रेत क्यों बनना पड़ा?गरुड़ पुराण की बभ्रुवाहन कथा में एक प्रेत का उल्लेख है जो पापकर्म और अधूरे संस्कारों के कारण प्रेत योनि में था। यह कथा यह बताने के लिए है कि परोपकारी व्यक्ति भी दान-श्राद्ध से किसी अनजान प्रेत को मुक्त कर सकता है।#बभ्रुवाहन#प्रेत योनि#अंतिम संस्कार
अन्त्येष्टि संस्कारदाह संस्कार में मुखाग्नि कौन देता है नियम क्या है?मुखाग्नि: ज्येष्ठ पुत्र (सर्वप्रथम) → अन्य पुत्र → पौत्र → भाई → भतीजा → शिष्य/मित्र। स्त्री: परम्परागत=विधान नहीं, आधुनिक=पुत्री/पत्नी (क्षेत्रीय)। विधि: परिक्रमा→कंधे घड़ा→मुख अग्नि→'ॐ'।#मुखाग्नि#दाह संस्कार#ज्येष्ठ पुत्र
वैदिक संस्कारअंत्येष्टि संस्कार कैसे करें?अंत्येष्टि = अंतिम यज्ञ (नरयाग)। विधि: शव स्नान → नया वस्त्र → तुलसी-गंगाजल → अर्थी → शवयात्रा → चिता स्थापन → छिद्र-घट परिक्रमा → मुखाग्नि → अस्थि संचय → गंगा विसर्जन → 10वीं शुद्धि → 13वीं श्राद्ध। पंचतत्वों में शरीर विलीन।#अंत्येष्टि#अंतिम संस्कार#दाह संस्कार