दिव्यास्त्रक्या नारायणास्त्र को कोई अस्त्र रोक सकता था?नहीं, नारायणास्त्र को कोई अस्त्र नहीं रोक सकता था। केवल पूर्ण आत्मसमर्पण — हथियार त्यागकर हाथ जोड़ना — ही इसका एकमात्र उपाय था।#नारायणास्त्र#अजेय#प्रतिकार असंभव
दिव्यास्त्रकर्ण का जन्म किस दिव्य सुरक्षा के साथ हुआ था?कर्ण का जन्म सूर्य देव के वरदान से प्राप्त दिव्य कवच और कुंडल के साथ हुआ था जो उसके शरीर का ही अंग थे और उसे अजेय बनाते थे।#कर्ण#कवच कुंडल#सूर्य देव
दिव्यास्त्रवैष्णवास्त्र को कौन निष्प्रभावी कर सकता था?केवल स्वयं भगवान विष्णु ही वैष्णवास्त्र को निष्प्रभावी कर सकते थे। कोई अन्य दिव्यास्त्र या योद्धा इसका प्रतिकार करने में असमर्थ था।#वैष्णवास्त्र#निष्प्रभावी#विष्णु
दिव्यास्त्रभौमास्त्र को परम रणनीतिक हथियार क्यों कहते हैं?भौमास्त्र पैरों के नीचे की धरती को ही हथियार बना देता है। यह बिना सीधे प्रहार किए सेनाओं को हरा सकता है इसलिए यह परम रणनीतिक हथियार है।#भौमास्त्र#रणनीतिक#पर्यावरणीय
दिव्यास्त्ररास्ते में बाधा आने पर सुदर्शन चक्र का क्या होता था?जब सुदर्शन चक्र के रास्ते में बाधा आती है तो इसकी गति और शक्ति और भी बढ़ जाती है। कोई भी प्रतिरोध इसे नहीं रोक सकता।#सुदर्शन चक्र#बाधा#शक्ति बढ़ना
दिव्यास्त्रइंद्र ने हनुमान को क्या वरदान दिया?इंद्र ने हनुमान को वरदान दिया कि भविष्य में उनका वज्र हनुमान को कभी कोई हानि नहीं पहुँचाएगा और हनुमान सभी देवों से अजेय रहेंगे।#इंद्र#हनुमान#वरदान
दिव्यास्त्रवृत्रासुर को कौन सा वरदान मिला था?वृत्रासुर को ब्रह्मा से वरदान था कि उसे किसी भी धातु, लकड़ी या पत्थर के अस्त्र से — न सूखे से, न गीले से, न दिन में, न रात में — नहीं मारा जा सकता।#वृत्रासुर#वरदान#ब्रह्मा
अस्त्र शस्त्रक्या सुदर्शन चक्र को रोका जा सकता है?नहीं — सुदर्शन चक्र को रोकना किसी अस्त्र से संभव नहीं है। यह अचूक और अजेय है। केवल भगवान विष्णु की शरण लेकर उनसे क्षमा माँगने पर विष्णु स्वयं इसे रोक सकते हैं।#सुदर्शन चक्र#अचूक#रोकना संभव नहीं
शिव लीलागजासुर को क्या वरदान मिला था?गजासुर को ब्रह्मा से वरदान मिला कि काम में लिप्त कोई स्त्री-पुरुष उसे नहीं मार सकते। इससे वह व्यावहारिक रूप से अवध्य हो गया। केवल काम से परे भगवान शिव ही उसका वध कर सकते थे।#गजासुर वरदान#ब्रह्मा वरदान#अजेय