विस्तृत उत्तर
सुदर्शन चक्र की एक अत्यंत विलक्षण विशेषता यह है कि जब इसके मार्ग में कोई बाधा या अवरोध उत्पन्न होता है, तो इसकी गति और शक्ति स्वयं ही और अधिक बढ़ जाती है। इससे यह किसी भी प्रतिरोध को पार कर अपने लक्ष्य तक पहुँच सके। यह धर्म की रक्षा में आने वाली बाधाओं पर विजय का प्रतीक है। इसका अर्थ है कि सुदर्शन चक्र को कोई भी शक्ति, कोई भी बाधा या प्रतिरोध नहीं रोक सकता — जितना अधिक प्रतिरोध, उतनी ही अधिक शक्ति। यही इसे वास्तव में अजेय बनाता है।
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