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अमर से जुड़े सभी प्रश्न(9)

अमर पर शास्त्रीय व्याख्या, विधि, नियम, मंत्र और लाभ — सब एक ही स्थान पर। कुल 9 प्रश्न उपलब्ध हैं।

अस्त्र शस्त्र

अश्वत्थामा आज भी जीवित है क्या?

हाँ — शिव महापुराण के अनुसार अश्वत्थामा आज भी गंगा किनारे जीवित हैं। परंतु यह वरदान नहीं, कृष्ण का श्राप है — माथे के घाव के साथ अनंत काल भटकना, मृत्यु माँगने पर भी न मिलना।

#अश्वत्थामा चिरंजीवी#कृष्ण श्राप#अमर
लोक

सत्यलोक में मृत्यु होती है क्या?

सत्यलोक में सामान्य मृत्यु नहीं होती — इसे मृत्युंजय लोक कहते हैं। पर महाप्रलय में सत्यलोक भी नष्ट होता है और निवासी वैकुंठ प्रवेश करते हैं।

#सत्यलोक#मृत्यु#मृत्युंजय
लोक

क्या अतल लोक के निवासी मर सकते हैं?

अतल लोक के निवासी सामान्य कारणों से नहीं मरते पर अमर नहीं हैं। उनकी मृत्यु का एकमात्र कारण भगवान का सुदर्शन चक्र है।

#अतल लोक#मृत्यु#अमर
सती से पार्वती तक की महाकथा

तारकासुर का वरदान क्या था?

तारकासुर ने ब्रह्मा की तपस्या से वरदान पाया: मृत्यु केवल 'शिव के पुत्र' से। वह जानता था शिव अब विवाह नहीं करेंगे, इसलिए स्वयं को अमर मानकर तीनों लोकों में भयंकर अत्याचार करने लगा।

#तारकासुर#ब्रह्मा वरदान#शिव पुत्र
हिंदू दर्शन

हनुमान जी अमर क्यों हैं और आज कहाँ हैं

हनुमान सप्त चिरंजीवियों में से एक — सीता, राम और ब्रह्मा के वरदान से अमर। कलियुग में विद्यमान — जहां राम कथा वहां हनुमान उपस्थित। गंधमादन पर्वत पर राम जप। महाभारत में भीम से भेंट और अर्जुन की ध्वजा पर विराजमान।

#हनुमान#चिरंजीवी#अमर
आत्मा और मोक्ष

भगवद्गीता के अनुसार आत्मा अमर है कैसे समझें

गीता 2.20 — आत्मा अजन्मा, नित्य, शाश्वत। 2.23 — शस्त्र, अग्नि, जल, वायु कुछ नहीं कर सकते। 2.22 — शरीर बदलता है, आत्मा नहीं (वस्त्र उदाहरण)। 2.25 — अव्यक्त, अचिंत्य, अविकारी। सरल अर्थ: शरीर = बर्तन, आत्मा = आकाश — बर्तन टूटे तो आकाश नष्ट नहीं।

#आत्मा#अमर#गीता
शास्त्र ज्ञान

उपनिषद में आत्मा का वर्णन कैसे है?

कठोपनिषद (2/18) में यमराज ने नचिकेता को बताया — आत्मा अजन्मा, नित्य और शाश्वत है; शरीर के नाश से यह नष्ट नहीं होती। तैत्तिरीय उपनिषद के पंचकोश सिद्धांत में आत्मा पाँचों कोशों से परे है। माण्डूक्य में 'तुरीय' अवस्था आत्मा का शुद्ध स्वरूप है।

#आत्मा#उपनिषद#अमर
वेद ज्ञान

वेदों में आत्मा का वर्णन कैसे है?

ऋग्वेद (1/164/20) के 'दो पक्षी सूक्त' में जीवात्मा और परमात्मा का अनूठा चित्रण है। ऋग्वेद (10/16) में आत्मा की अमरता का वर्णन है। वैदिक आत्मा-दर्शन ही उपनिषदों के महावाक्यों का मूल स्रोत है।

#आत्मा#वेद#अमर
सनातन सिद्धांत

आत्मा क्या है?

आत्मा वह शाश्वत चेतन तत्व है जो प्रत्येक जीव में विद्यमान है। गीता (2/20) के अनुसार यह न जन्म लेती है, न मरती है, न शस्त्र से कटती है, न अग्नि से जलती है। यह नित्य, शाश्वत और अविनाशी है।

#आत्मा#जीवात्मा#चेतना
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