पूजा विधि एवं कर्मकांडकृष्ण जी को प्रसन्न करने का सबसे सरल तरीका क्या हैकृष्ण को प्रसन्न करने के उपाय — माखन-मिश्री का भोग, हरे कृष्ण महामंत्र जप, गीता का नित्य पाठ, तुलसीमाला से 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' जप, और सखा-भाव में उनसे बात करना। कृष्ण प्रेम के भूखे हैं — झूठी विधि से नहीं, सच्चे भाव से प्रसन्न होते हैं।#कृष्ण प्रसन्न#गोविंद उपाय#कृष्ण पूजा
पूजा विधिकृष्ण पूजा में तुलसी जरूरी है क्या?हाँ, तुलसी कृष्ण पूजा में अनिवार्य मानी गई है। पद्म पुराण के अनुसार तुलसी के बिना भोग भगवान स्वीकार नहीं करते। तुलसी को श्रीकृष्ण की प्रिया और वृंदा नाम से जाना जाता है।
श्रीमद्भागवतराजसूय यज्ञ में कृष्ण की पूजा क्यों हुई?राजसूय यज्ञ में कृष्ण की पूजा इसलिए हुई क्योंकि भीष्म उन्हें सबके आत्मा प्रभु और सबसे पहले पूजने योग्य मानते हैं।#राजसूय यज्ञ#कृष्ण पूजा#युधिष्ठिर
श्रीमद्भागवतभागवत कथा में भगवान कृष्ण की पूजा कैसे करें?मंडल में श्रीहरि की स्थापना कर श्रीकृष्ण को लक्ष्य बनाकर मंत्रोच्चार सहित षोडशोपचार पूजा, दक्षिणा और नमस्कार करना बताया गया है।#कृष्ण पूजा#षोडशोपचार#भागवत कथा
मंत्र जप एवं साधनाकृष्ण के 108 नामों का जप कैसे करेंएकादशी या बुधवार को पीले वस्त्र पहनकर तुलसी माला से 'ॐ [नाम] नमः' क्रम में 108 नाम जपें। तुलसी पत्र और माखन-मिश्री अर्पित करें। 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' से जप आरंभ करें।#कृष्ण 108 नाम#जप विधि#कृष्ण पूजा