विस्तृत उत्तर
भगवान श्रीकृष्ण के 108 नामों का जप प्रेम, भक्ति और आत्मशांति के लिए अत्यंत प्रभावशाली माना जाता है। यह कृष्णभक्ति की सबसे सरल और प्रभावी साधनाओं में से एक है।
जप की विधि इस प्रकार है — बुधवार और एकादशी का दिन इस जप के लिए विशेष उत्तम है। प्रातःकाल स्नान करके पीले वस्त्र पहनें, क्योंकि श्रीकृष्ण को पीतांबर अत्यंत प्रिय है। तुलसी पत्र, पीले फूल और माखन-मिश्री अर्पित करें। तुलसी की माला से जप करें।
ॐ कृष्णाय नमः', 'ॐ कमलनाथाय नमः', 'ॐ वासुदेवाय नमः', 'ॐ सनातनाय नमः', 'ॐ वसुदेवात्मजाय नमः', 'ॐ पुण्याय नमः' जैसे क्रम में 108 नाम जपें। श्रीकृष्ण का मूल मंत्र 'ॐ क्लीं कृष्णाय नमः' है — इसका 108 बार जप जप को और प्रभावशाली बनाता है।
जन्माष्टमी, एकादशी और गोकुल अष्टमी को यह जप विशेष फलदायक होता है। जप के बाद माखन, मिश्री या पंजीरी का प्रसाद चढ़ाएं।





