विस्तृत उत्तर
भगवान श्रीराम के 108 नामों का जप आत्मशुद्धि, मनोकामना सिद्धि और जीवन में सत्य-धर्म की स्थापना के लिए किया जाता है। 'राम नाम' को सर्वश्रेष्ठ नाम माना गया है — 'राम नाम परम बल' यह तुलसीदास जी ने रामचरितमानस में कहा है।
जप की विधि इस प्रकार है — मंगलवार, नवमी तिथि और रामनवमी को यह जप विशेष फलदायक है। प्रातःकाल स्नान करके श्वेत या पीले वस्त्र पहनें। श्रीराम की मूर्ति या चित्र के सामने बैठें। तुलसी पत्र, पीले-लाल पुष्प और पान अर्पित करें। तुलसी की माला से जप करें।
ॐ श्रीरामाय नमः', 'ॐ रघुनंदनाय नमः', 'ॐ रामभद्राय नमः', 'ॐ भक्तवत्सलाय नमः', 'ॐ कोसलेयाय नमः', 'ॐ दशरथात्मजाय नमः' जैसे क्रम में 108 नाम जपें। श्रीराम का मूल मंत्र 'ॐ श्री रामाय नमः' है।
सुंदरकांड के पाठ के साथ यह जप करने से विशेष लाभ मिलता है। जप के बाद राम को तुलसी पत्र, पंचामृत और मखाना-पंजीरी का प्रसाद चढ़ाएं।





